बिटिया को पहले भाई और फिर पिता की चिता सजानी पड़ी, कोई पुरुष नहीं बचा

बिटिया को पहले भाई और फिर पिता की चिता सजानी पड़ी, कोई पुरुष नहीं बचा

शाजापुर। कोरोनावायरस ने कई घरों को उजाड़ दिया है। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ। शाजापुर की बिटिया तनवी सक्सेना को 4 दिन पहले अपने भाई और सोमवार को अपने पिता की चिता सजानी पड़ी, क्योंकि घर में कोई पुरुष नहीं है। बस मां बची है और वह भी पॉजिटिव है।

परिवार में चार पुरुष थे, चारों संक्रमित हो गए

शाजापुर शहर के MLB SCHOOL में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए अवधेश कुमार सक्सेना का पूरा परिवार आनंदपुर और जीवन यापन कर रहा था। 15 दिन पहले अवधेश कुमार सक्सेना के छोटे भाई और उनका बेटा संक्रमित हो गए। दोनों गुना के अस्पताल में भर्ती है। इसी दौरान अवधेश कुमार और उनके 32 वर्षीय बेटे शुभम सक्सेना की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। परिवार में कुल 4 पुरुष थे, चारों संक्रमित हो गए।

 

बहन ने पहले भाई को और फिर पिता को मुखाग्नि दी

शुक्रवार को 32 वर्षीय शुभम सक्सेना ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। क्योंकि घर में सभी पुरुष संक्रमित हैं एवं अस्पतालों में भर्ती है इसलिए बहन तनवी सक्सेना ने अपने भाई का अंतिम संस्कार किया। अस्थि विसर्जन भी नहीं हो पाया था जी पिता अवधेश कुमार सक्सेना का भी निधन हो गया। तनवी सक्सेना को भाई के बाद अपने पिता का भी अंतिम संस्कार करना पड़ा।

 

मां भी हैं संक्रमित

बताया जा रहा है कि तनवी सक्सेना की मां भी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं और फिलहाल वह शाजापुर के एक लॉज में आइसोलेट हैं। तनवी के चाचा और चचेरा भाई अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। महामारी ने ऐसे दिन दिखाए हैं कि शुभम की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी नेहा और 2 साल की बेटी उसका चेहरा तक नहीं देख पाए।