संभल जाएं: कोरोना जांच के लिए बार-बार सीटी स्कैन कराना घातक, बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

संभल जाएं: कोरोना जांच के लिए बार-बार सीटी स्कैन कराना घातक, बढ़ सकता है कैंसर का खतरा

डॉ. राजन गांधी
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष 

देशभर में कोरोना के मामले तेजी से तो बढ़ ही रहे हैं, साथ ही लक्षण दिखने के बावजूद आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट भी चिंता का सबब बनी हुई है। दरअसल, कई ऐसे कोरोना मरीज हैं, जिनमें लक्षण साफ-साफ दिख रहे हैं, लेकिन उसके बावजूद टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे स्वाब गलत तरीके से लिया गया हो या फिर ऐसा भी माना जा रहा है कि देश में फैला नया म्यूटेटेड वायरस आरटी-पीसीआर टेस्ट को भी चकमा दे रहा है।

CT Scan: Purpose, Procedure, Side Effects and CT Scan Cost | Blog HOD

विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर आपको कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं, लेकिन आरटी-पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आई है, तो ऐसे में आपको सबसे पहले तो आइसोलेट हो जाना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर उपचार शुरू कर देना चाहिए।

 

डॉक्टर की ही सलाह पर कुछ दिन के बाद आपको फिर से टेस्ट कराना चाहिए और अगर फिर भी रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो ऐसे में सीटी-स्कैन कराने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीटी स्कैन से महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।

 

क्या है एचआरसीटी टेस्ट? 

CT Scan Slip Rings
एचआरसीटी टेस्ट का मतलब होता है हाई रेजोल्यूशन सीटी स्कैन। इस टेस्ट से पता चल जाता है कि आप कोरोना से संक्रमित हैं या नहीं। दरअसल, यह टेस्ट मरीज की छाती के अंदर कोरोना संक्रमण की थ्री-डी तस्वीर देता है। इसमें कोरोना वायरस पकड़ में आ ही जाता है। 

कब कराना चाहिए एचआरसीटी टेस्ट? 


विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर कोरोना मरीज को खांसी है, सांस लेने में दिक्कत महसूस हो रही है और ऑक्सीजन का स्तर लगातार नीचे जा रहा है तो एचआरटीसी टेस्ट कराना बेहतर होता है। यह टेस्ट बीमारी की तीव्रता दिखा सकता है। इससे मरीज को सही इलाज लेने में मदद मिलती है। 

क्या एचआरसीटी टेस्ट के नुकसान भी हैं? 


विशेषज्ञ कहते हैं कि एचआरसीटी टेस्ट कराने का जोखिम भी हो सकता है। कोरोना के जो मरीज मध्यम से गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें ही इसे करना चाहिए और वो भी डॉक्टर की सलाह पर, लेकिन ध्यान रहे कि इसके रेडिएशन के कारण बुरे प्रभाव का खतरा भी होता है। 

COVID-19 vs. Flu: Blood Clots in Lungs - MedicineNet Health News

इस बारे में सरकार का भी कहना है कि एक सीटी स्कैन 300-400 बार कराए गए चेस्ट एक्स-रे के बराबर होता है। हालांकि कोरोना के हल्के लक्षण हैं तो सीटी स्कैन कराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन ध्यान रहे कि बार-बार स्कैन कराने से कम उम्र के लोगों में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। 

अनोखी आवाज़ लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।