क्या वीरेंद्र गोयल अपने टीम में फिर दे रहे है भितरघातियो को जिम्मेदारी...?

क्या वीरेंद्र गोयल अपने  टीम में फिर दे रहे है भितरघातियो को जिम्मेदारी...?

अनोखी आवाज़ सिंगरौली@खरी-खरी
नीरज द्विवेदी "राज"

आज तो मैं खरी-खरी कहता हूं,बुरा नहीं लगना चाहिए क्योंकि मैं जो देखता और सुनता हूं; वही कहता हूं, यदि फिर भी बुरा लगता है तो मैं क्या करूं...?

वीरेंद्र गोयल जिसके लिए चर्चित है कही न कही उन्ही सब कारणों से भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें जिलाध्यक्ष की कुर्सी सौंपी,हालांकि किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो अध्यक्ष जी वाले गुण का होना अतिआवश्यक है...क्योंकि आज बच्चा-बच्चा भली-भांति जानता है कि मौजूदा दौर उसी का है।
   इनकी ताजपोशी से शीर्ष नेताओं को उम्मीद थी कि कुछ नया होगा,सबको एक धागे में पिरोकर रखेंगे, सामंजस्य बनाकर पार्टी की रीति-नीति का विस्तार कर संगठन को मजबूत करेंगे। लेकिन हमे न जाने ऐसा क्यों महसूस होता है कि ऐसा कुछ हुआ नही। आप सब इस बात से भली-भांति वाकिफ़ है कि वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष और उस समय के अध्यक्ष कांतदेव सिंह को किनारे कर इनके कंधों पर जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन अपने पिताजी के ख्वाबो को सजोने निकले अध्यक्ष जी यह जिम्मेदारी अपने कंधों पर बखूबी संभाल नही सके ऐसा कहे तो शायद अतिशयोक्ति नही होगी।
         एक चीज में ये बखूबी सफल रहे वह है धन उगाही...पार्टी द्वारा हर वर्ष अभियान चलाकर सदस्यों से आजीवन सहयोग निधि ली जाती है उसमें बताया गया है कि ये अव्वल रहे है। पार्टी ने इन्हें जितना लक्ष्य दिया उसका दुगुना वसूल कर दिए।
            खैर अब इन बातों पर ज्यादा चर्चा विचार करने का मेरी समझ से कोई मतलब नही है,क्योकि सारे ख्वाब दफन हो गए।

बीती ताहि बिसार दे, आगे की सुध लेय।
        अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल के कार्यकाल को करीब डेढ़ वर्ष हो गए अभी तक कार्यकारणी का विस्तार नही हो सका। इसमे अब इनकी कमी रही या प्रदेश की यह तो अध्यक्ष जी ही विस्तार से बता सकते है,लेकिन अब कोहरा हटता जा रहा है , आगे का रास्ता साफ होता दिख रहा है। जिससे समझ आ रहा है की अब वो घड़ी करीब आती जा रही है जब अध्यक्ष महोदय की टीम हम सबके सामने होगी। इनके करीबी कहे या विरोधी जो भी कहे उनकी माने तो पदाधिकारियों की सूची बनकर तैयार है,बस उसमें प्रदेश की मुहर लगनी बाकी है जो हमारी समझ से मार्च के पहले सप्ताह तक लग जायेगी। नई टीम फरवरी तक बन गई होती लेकिन कई नेताओं के आकस्मिक दौरे के कारण लगता है थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा..? लेकिन बड़ा सवाल यह है की क्या पुनः वीरेंद्र गोयल भितरघातियो को जिले की टीम में जगह देन वाले है...? ये सवाल केवल मेरे मन-मस्तिक में उठता तो चल जाता सवाल तो हर उस आम आदमी और पार्टी कार्यकर्ता के मन मे उठ रहा है जो भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा रखता है । सवाल उठना भी लाजमी है क्योंकि राजनीति के बारे में सोंच-समझ रखने वाला हर व्यक्ति जानता है कि पिछले विधानसभा चुनाव में जिन लोगो ने झाड़ू,पंजा,ट्रैक्टर,हाथी का जोर-शोर से प्रचार किया उन्ही लोगो को मंडल अध्यक्ष जैसे पदों से नवाजा गया। इतना ही नही,बल्कि लोकसभा में भी नही सुधरे वही कृत्य पुनः दोहराया। हद तो तब हो जाती है जब मोरवा सहित तमाम स्थानों पर झाड़ू-पंजा का कार्यालय खोलकर खुलकर प्रचार-प्रसार किया,गांधी जी मुस्कान वाली गुलाबी कागजों को भी समेटा और पुनः विधायक रामलल्लू वैश्य ,सांसद रीति पाठक के साथ सबसे आगे खड़े होकर अपने आप को सबसे बड़े समर्थक और पार्टी के प्रति निष्ठावान बनकर दिखाया। लिहाजा ये वही बात हुई

नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली चली हज को

लेकिन ऐसे बिल्लियों पर पार्टी स्तर से कार्यवाही की बजाय उन्हें विभिन्न तरीके से जिम्मेदारी देकर ये साबित कर दिया कि ये कोई बड़ी बात नही है...भितरघातियो को खुश करने के लिए योग्य चेहरों को किनारे किया गया।

खैर मुझे क्या भितरघातियो को जिम्मेदारी दे अथवा पद खाली रखे। लेकिन जब पार्टी के निष्ठावान आम कार्यकर्ता अपनी  हृदय की विरह वेदना को हम तक पहुंचाते हैं तो मैं उनकी पीड़ा को आप सब तक पहुचाने से रोक नही पाता। ये अगल बात है कि मेरी बातें अध्यक्ष महोदय को थोड़ी तकलीफ दे लेकिन ऊपर लिखी बातें अक्षरशः सत्य है। रही बात बुरा लगने की तो मैं पहले की बता चुका हूं,जो देखता और सुनता हूं वही कहता हूं।

अंत मे सबको मुफ्त की सलाह देता इसलिए अध्यक्ष जी को भी कुछ तो सलाह देना पडेगा। वैसे भी मुफ़्त का सलाह पसंद किसको है,और नेता कहा अपने से ज्यादा काबिल किसी को मानते है। सलाह यह है कि योग्यता की पहचान कीजिये सबको एक तराजू में तौलना उचित नही है,किसी से ऐसा वादा न करें जिसे पूरा न कर सके। बाकी के सलाह और सवाल के लिए मिलते है प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा के प्रेसवार्ता में भाजपा कार्यालय में...थोड़ा इंताजर का मजा लीजिए...वादा किया तो निभाना पड़ेगा। ईश्वर करे सद्बुद्धि दे आपको