मच्छर के काटने पर निलंबन,54 मौत पर मंत्री पर कार्यवाही क्यों नहीं..? -कमलेश्वर

मच्छर के काटने पर निलंबन,54 मौत पर मंत्री पर कार्यवाही क्यों नहीं..? -कमलेश्वर


 

सीधी बस दुर्घटना पर स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा 

नोखी आवाज़ सीधी। बाणसागर नहर बस दुर्घटना पर आज विधान सभा में आये स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए विधायक एवं पूर्व मंत्री  कमलेश्वर पटेल ने कहा कि  बस दुर्घटना में 54 लोगों की जानें सरकार की लापरवाही एवं अदूरदर्शिता की वजह से  गई। 
पूर्व मंत्री ने सरकार से मांग की है कि घटना में दोषी अधिकारियों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही हो। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को मच्छर के काटने पर सुबह उपयंत्री को तत्काल निलंबित किया गया साथी कार्यपालन इंजीनियर के दो वेतन वृद्धि भी रोकने की कार्यवाही की गई लेकिन असंवेदनशील  सरकार  ने 54 व्यक्तियों की मौत पर  अभी तक किसी के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की है।

आने वाली प्रतियोगी आने वाली परीक्षा का परीक्षा केंद्र जिला मुख्यालय बनाया जाए। संबंधित विभागों के दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही हो । मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए । 
श्री पटेल ने कहा कि स्टाफ नर्स की ऑन लाईन की परीक्षा व्यापम द्वारा आयोजित की गई थी । रीवा संभाग का परीक्षा केंद्र सतना बनाया गया यदि  संभाग का केंद्र सतना नहीं होता तो शायद इतने लोग एक साथ बस पर सवार नहीं होते और दूसरा छुहिया घाटी जो शहडोल और रीवा,सीधी से रीवा एवं सतना को जोड़ने वाला मार्ग है। यहां 6 दिन से लगातार जाम लग रहा था, जिला प्रशासन द्वारा जाम हटाने के लिए किसी  प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। जैसे ही घटना घटी उसी दिन राष्ट्रीय राजमार्ग भी खोला गया साथ ही वहां मरम्मत का कार्य भी शुरू हो गया ।
श्री पटेल ने कहा कि सिहावल विधानसभा क्षेत्र के परीक्षार्थी उसमें सवार थे। तेरह यात्री सिंगरौली जिले के थे शेष अन्य सीधी जिले के थे ।
विधायक ने कहा कि घटना के लिये सरकार जिम्मेदार है । उन्होने कहा कि सिहावल विधानसभा क्षेत्र की जनपद सदस्य श्रीमती सुशीला प्रजापति पढ़ी-लिखी महिला थी । वह नौकरी करना चाह रही थी । उनके पति भी उनके साथ में परीक्षा दिलाने के लिए बस में सवार थे । उन दोनों की मृत्यु हो गई । उनकी पूज्य माताजी विधवा है जिसने अपने बच्चों को बड़ी मुश्किल से पढ़ाया लिखाया।