MP- आम जनता के अरमानों को फिर सकता है पानी,बजट में नहीं मिलेगी जनता को राहत

MP- आम जनता के अरमानों को फिर सकता है पानी,बजट में नहीं मिलेगी जनता को राहत

 

नोखी आवाज़ भोपाल। सस्ते पेट्रोल-डीजल के लिए प्रदेश बजट से आस लगाए बैठी जनता को फिलहाल राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सरकार 2 मार्च को विधानसभा में जो बजट पेश करने जा रही है, उसमें पेट्रोलियम पदार्थों से वैट घटाने की घोषणा शामिल नहीं है। यानी पेट्रोल-डीजल पर सरकार अभी टैक्स नहीं घटा रही। न ही कोई नया टैक्स लगाएगी। शराब पर भी यही स्थिति रहेगी। बताया जा रहा है कि मई में प्रस्तावित नगरीय निकाय चुनाव के मद्देनजर सरकार ऐसा कर रही है। इस बजट में सरकार का पूरा फोकस प्रदेश के साढ़े सात लाख कर्मचारियों, चार लाख पेंशनर्स पर रहेगा।
साथ ही आत्मनिर्भर मप्र के सभी चार सेक्टरों को मजबूत करने के प्रावधान इसमें शामिल किए गए हैं। सरकारी कर्मचारियों को जुलाई 2020 का इंक्रीमेंट जुलाई 2021 के साथ देने की घोषणा बजट में होगी। इसमें वित्तीय वर्ष 2021-22 में अधिकतम 25त्न डीए (महंगाई भत्ता) की व्यवस्था कर दी गई है यानी नए वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार यदि डीए बढ़ाती है तो राज्य सरकार भी बढ़ा सकती है।यह राशि करीब 4 से 5 हजार करोड़ रुपए के बीच होगी। अभी केंद्र के 17त्न डीए के मुकाबले मप्र में 12त्न ही डीए है। राज्य सरकार बकाया 5त्न के साथ ही बढ़ा हुआ डीए भी दे सकती है। यह जरूर है कि जुलाई 2020 की वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) मिलने के बाद आगे तो वेतन बढ़ेगा, लेकिन पिछला एरियर न डीए का मिलेगा और न ही वेतनवृद्धि का। बजट की लगभग तैयारी हो गई है।इस बार बजट दो लाख 35 हजार करोड़ से दो लाख 40 हजार करोड़ रुपए के बीच हो सकता है। यह पिछले साल के साइज की तुलना में सात से दस फीसदी तक बढ़ने वाला है। बजट में मप्र में नौ नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा होगी। इसमें से छह केंद्र सरकार की मदद से और तीन मप्र खोलेगा। ये शिवपुरी, राजगढ़, मंडला, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, दमोह और सिवनी में होंगे। वर्ष 2003 से पहले 5 थे। इसके बाद आठ नए चालू हुए। अब नौ नए खुलेंगे।गैस पीड़ित विधवा महिला को एक हजार रुपए पेंशन देने की घोषणा बजट में हो सकती है। 2012-13 में 8 साल के लिए इसे केंद्र ने प्रारंभ किया था। फिर यह बंद हो गई। अब राज्य सरकार इसे शुरू करेगी।बजट में नर्मदा एक्सप्रेस-वे और अटल प्रोग्रेस वे के रास्ते में इकोनॉमिक कॉरिडोर व इंडस्ट्रियल निवेश को बढ़ाने के लिए नए प्रावधानों का उल्लेख होगा। राज्य सरकार इसके लिए प्रोत्साहन पैकेज की बात कर सकती है।