NCL सिक्योरटी की मनमानी आई सामने- बिना सूचना दिए दर्जनभर लोगो की झोपडी की ध्वस्त

NCL सिक्योरटी की मनमानी आई सामने- बिना सूचना दिए दर्जनभर लोगो की झोपडी की ध्वस्त

NCL सिक्योरटी के कृत्य की चहुँओर हो रही निंदा, मामला दूधिचुआ परियोजना का


काश अमीरों पर भी लागू होता यह नियम,गरीब कब तक सहते रहेंगे जुल्म-सितम

संवाददाता-आशीष पाण्डेय-पंकज तिवारी

अनोखी आवाज़ सिंगरौली। कोरोना संक्रमण से पूरा विश्व परेशान है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए देश के अलग-अलग राज्यो में सुविधा अनुसार जनता कर्फ्यू लगाया गया है। ऊर्जाधानी  में भी कोरोना बड़ी ही तेजी से पाव पसार रहा है। जहाँ जिला कलेक्टर ने लॉक डाउन के निर्देश दिए हैं वहीं दूसरी और एनसीएल प्रबंधन ना जाने क्यों मनमाना कार्य कर रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते सोमवार को दुधिचुआ परियोजना के जमीन पर  करीब एक दर्जन परिवार पिछले 20 वर्षों से झोपडी बनाकर कर चाय-फल की बिक्री कर जीवन यापन करतें थें। जहा सिक्योरटी के जवानों से गर्मजोशी से पहुँच कर सूचित किये बिना ही झोपडी को आनन-फानन में गिरा दिया। उक्त घटना की जानकारी जैसे ही लोगो को लगी मौके पर पहुँच कर सिक्योरटी के इस कृत्य का विरोध करनें लगें।

दर्जनभर परिवारो पर हुई कार्यवाही,लगी दोहरी मार

जिले में कोरोना का प्रसार बड़ी ही तेजी से हो रहा है ऐसे में हर कोई अपनी क्षमता अनुसार मदद करने में लगे हुए है। लेकिन एनसीएल प्रबंधन ने अपना अमानवीय चेहरा दिखाया है। पिछले 20 वर्षों से  महज झोपडीनुमा घर बनाकर अपना गुजर बसर कर रहे थे, लेकिन सिक्योरिटी ने इसे अतिक्रमण मानते हुए ध्वस्त कर दिया। घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पहुचे निर्वतमान पार्षद देवेश पांडेय ने सिक्योरटी की मनमानी की मार झेल रहे लोगों का ढाढस बंधाया । 

 क्या देश का नियम-कानून सिर्फ गरीबो के लिए है..?

एक तरफ जहा लॉकडाउन में सभी घरों में है। वही सिक्योरिटी पहुंचती है। और वर्षों से जीवन यापन करने वालें के छाया को गिरा दी। जिससे लोगो का सिक्योरटी के प्रति आक्रोश व्याप्त है। वही दुधिचुआ परियोजना के सुरक्षा प्रभारी गणेश प्रसाद है। ये वही गणेश प्रसाद है जिनके ऊपर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। हालाकिं जब प्रभारी की कार्य-प्रणाली इस कदर है तो सिक्योरटी के जवानों का क्या होगा आप बखूबी अंदाजा लगा सकतें है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या देश के सभी नियम कानून सिर्फ गरीबो के लिए है..? ऐसा इसलिए क्योंकि एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं में हजारों अतिक्रमण अमीरों के है वहां किसी की हिम्मत नही है क्योंकि कई ऐसे भी है जिन्हें राजनितिक संरक्षण मिला हुआ है।

इनका कहना है।

मेरी माँ का देहांत हो गया है। मैं बरेली आया हूँ।

गणेश प्रसाद

सुरक्षा प्रभारी, दुधिचुआ परियोजना