मन को शांत और दिमाग को स्थिर बनाने के लिए मोती रत्न को लोग धारण करते हैं, जानिए किन लोगों को करता है सूट मोती

मन को शांत और दिमाग को स्थिर बनाने के लिए मोती रत्न को लोग धारण करते हैं, जानिए किन लोगों को करता है सूट मोती

नोखी आवाज न्यूज़ डेस्क। जीवन में सुख दुख तो लगा ही रहता है। लेकिन जब दुख आता है तो व्यक्ति ज्यादा परेशान हो जाता है और अपने दुखों को कम करने के मार्ग तलाशने लगता है। खासकर ज्योतिषीय उपायों की तरफ व्यक्ति का मुख्य रूप से ध्यान जाता है। ज्योतिष अनुसार 9 ग्रह होते हैं और सभी ग्रहों का अपना रत्न होता है। जिसे पहनने से ग्रह मजबूत होते हैं। यहां हम बात करेंगे मोती रत्न की जो ज्यादातर लोगों की उंगली में आपने देखा होगा। 

लाभ

मोती रत्न गोल और सफेद रंग का होता है। जो समुद्र में सीपियों से प्राप्त किया जाता है। इस रत्न का स्वामी चंद्रमा माना जाता है। कर्क राशि के जातकों के लिए ये विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। चंद्रमा हमारे मस्तिष्क और मन पर सबसे अधिक प्रभाव डालता है। मन को शांत और दिमाग को स्थिर बनाने के लिए इस रत्न को लोग धारण करते हैं। मोती पहनने से मानसिक तनाव घटता है। हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है। आर्थिक पक्ष को मजबूत करता है। नींद न आने की समस्या को भी दूर करता है। पारिवारिक दिक्कतों को कम करने का भी काम मोती करता है।

किसे पहनना चाहिए?

 चंद्रमा की महादशा होने पर मोती पहनना अच्छा माना जाता है। राहु या केतु की युति में भी मोती अच्छा रहता है। चंद्रमा अगर पाप ग्रहों की दृष्टि में है तब भी मोती पहनने की सलाह दी जाती है। चंद्रमा अगर जन्म कुंडली में 6, 8 या 12 भाव में है तब आप मोती पहन सकते हैं। चंद्रमा क्षीण हो या सूर्य के साथ हो तब भी आप मोती पहन सकते हैं।

किन्हें नहीं पहनना चाहिए? 

अत्याधिक भावुक और गुस्से वाले लोगों को इस रत्न को पहनने से बचना चाहिए। वृष, कन्या, मकर और कुंभ लग्न वालों के लिए मोती अच्छा नहीं माना जाता। अगर आपकी कुंडली के स्वामी ग्रह शुक्र, बुध या शनि हैं तब भी मोती नहीं पहनना चाहिए। कहा ये भी जाता है कि मोती के साथ हीरा, पन्ना, नीलम व गोमेद धारण न करें। लेकिन अगर आपके लिए ये रत्न जरूर हैं तो आप किसी विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही पहनें।