SINGRAULI- कलेक्टर साहब ये क्या हो रहा है,वालेंटियर्स है या गुंडे..?

SINGRAULI- कलेक्टर साहब ये क्या हो रहा है,वालेंटियर्स है या गुंडे..?

लोगो का चेक कर रहे डिग्गी, करवा रहे उठक-बैठक

NGO के वालेंटियर्स हुए मनमाने,ऐसे लोगो पर हो कार्यवाही

नीरज द्विवेदी "राज"


अनोखी आवाज़ सिंगरौली, बैढन जिले में कोरोना का संक्रमण बडी ही तेजी से फैल रहा है हालांकि काफी लोग स्वस्थ्य होकर भी सकुशल घर लौट रहे है। ऐसे में जिला कलेक्टर ने 1 मई तक जनता कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। इस दौरान कुछ समाजसेवी संस्थाओ के साथ मिलकर लोगो को जागरूक करने का काम किया जा रहा है। लेकिन बीते कुछ दिनों से जो तस्वीरें आ रही है वो तस्वीरे मानवीय मूल्यों के खिलाफ है। देखा जा रहा है कि ये वालेंटियर्स जागरूकता कम लोगो को धमकाने का ज्यादा काम कर रहे है इतना ही नही बल्कि सामान्य लोगो की दो पहिया गाड़ियों की डिग्गी चेक कर उठक-बैठक करवाकर वीडियो शोशल मीडिया पर डाल रहे है।

रोको..टोको अभियान में वालेंटियर्स ने अपने से जोड़ लिया ठोंको

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सीएम शिवराज ने रोको-टोको जैसे अभियान की शुरुआत की जहाँ समाजसेवी संस्थाओं के वालेंटियर्स को गली-चौराहों पर नियुक्त किया गया लेकिन सिंगरौली में इस आदेश को साकार फाउंडेशन और समृद्धि फाउंडेशन के कार्यकर्ता लगता है अच्छे से समझ नही पाये।लिहाजा बेवहज लोगो को तंग करने लगे। लोगो की डिग्गी चेक करने लगे इतना ही नही बल्कि लोगो को उठक-बैठक भी करवाने लगे। और सस्ती लोकप्रियता के चक्कर में वीडियो बनाकर बकायदा  शोशल मीडिया पर भी प्रसारित कर रहे है।

 

 

कलेक्टर साहब ये वालेंटियर्स है कि गुंडे...?

आज (रविवार) दोपहर बृजेश शुक्ला नामक फेसबुक यूजर ने अपने अकाउंट पर कुछ तस्वीरों के साथ एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें लिखा की आज लोगो को जागरूक किया गया लेकिन उस वीडियो में देखा गया कि एक ग्रामीण व्यक्ति जो चितरंगी से बैढन शादी का कार्ड लेने आया था बकायदा तौलिया से अपना चेहरा भी ढंका था लेकिन इन तथाकथित वालेन्टियरो को रास नही आया उसको रोककर उसकी गाड़ी की डिक्की की जाँच की जहाँ शादी के कार्ड मिले और एक लड़का ग्रामीण को धौंस देते हुए पहले तो कार्ड जमा करवाने को कहा फिर उसको उठक बैठक करवाकर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। जहाँ अगल अगल फेसबुक यूजरों ने इसकी निंदा की।

 

कार्यवाही की उठी मांग

बिना प्रशिक्षण के NGO संचालको ने कार्यकर्ताओं को सड़क पर उतार दिए है। ऐसे में उन्हें बातचीत करने तक का ज्ञान नही है। आलम कुछ ऐसा रहता है कि किसी दिन इन वॉलिंटियर्स के चक्कर में बड़ा विवाद हो सकता है।

 

 

ऐसे में मौके पर खड़ी यातायात पुलिस भी मौन होकर तमाशा देख रहे है। इस विषय को जिला कलेक्टर को गंभीरता से लेते हुए कार्यवाही करनी चाहिए और ऐसे लोगो को प्रशिक्षण देना चाहिए।

 

इनका कहना है-

आपके माध्यम से जानकारी मिली है मैं मामले की जांच करवाता हूं।

राजीव रंजन मीणा, जिला कलेक्टर सिंगरौली