Thursday, February 9, 2023
Homeराष्ट्रीय न्यूज़2000 ka note: 1000 की जगह 2000 का नोट चलन में आया…...

2000 ka note: 1000 की जगह 2000 का नोट चलन में आया… खूब चला, लेकिन अचानक गायब हो गया, जानें क्यों?

2000 ka note: क्या आपने ने सोचा है कि उन गुलाबी रंग के 2000 हजार के नोटों का क्या हुआ? छह साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर 2016 को शाम करीब 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करते हुए नोटबंदी की घोषणा की थी। कहा गया था कि काले धन को बाहर निकालने और भ्रष्टाचारियों पर लगाम लगाने के लिए ऐसा करना पड़ा। इस दौरान एक हजार रुपए के नोट को बंद करके 2000 को मार्केट में लाया गया। अब 2000 नोट आने के छह साल बाद अचानक से ये गुलाबी नोट मार्केट से गायब हो गए हैं।

Singrauli Crime News:दोस्त ने ही कर दी दोस्त की हत्या मोरवा पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार

2000 ka note: नोटबंदी के दौरान जारी किए गए गुलाबी रंग के 2 हजार रुपये के नोट मार्केट से करीब-करीब गायब हैं। बैंक हो या फिर एटीएम या फिर मार्केट, दो हजार का नोट कभी-कभार ही नजर आता है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर 2000 के नोट गए तो कहां गए? क्या आरबीआई 2000 रुपये के नोट को चलन से बंद करने जा रही है?

2000 ka note मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2018 तक 2000 हजार नोट ATM से निकल रहे थे, बैंक काउंटर पर मिल रहे थे, मार्केट में लेन-देन के दौरान भी नजर आते थे। 2018 के बाद इनका चलन धीरे-धीरे कम होता गया और अब ये नोट बिलकुल भी नजर नहीं आते हैं। RBI के आंकड़ें की मानें तो 2000 के नोट सबसे ज्यादा 2017-18 में चलन में रहे। इस फाइनेंशियल इयर में 2000 के 33,630 लाख नोट चलन में थे। अब करीब 3 लाख करोड़ रुपये के 2000 के नोट चलन से बाहर हो गए हैं।2000 ka note

Normal Delivery Ke Upay: नॉर्मल डिलीवरी या सिजेरियन, जानें प्रेगनेंसी के 9वें महीने में क्या खाएं? मिलेगा बेहतरीन लाभ

2000 ka note

लोकसभा में केंद्र सरकार ने दी थी ये जानकारी

2000 ka note

RBI रिपोर्ट की मानें तो 500 के नोट 2000 के नोट की जगह ले रहे हैं। इसके बाद हिस्सेदारी 10 रुपये के नोट की है। बता दें कि 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपए के 15.52 लाख करोड़ रुपए अर्थव्यवस्था से बाहर हुए थे। इसके बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 500, 2000, 50 और 20 रुपये के नए रंगीन नोट जारी किए।

2000 ka note
2000 ka note

कोरोना काल में बंद हुई थी छपाई!

2019-20 से 2000 रुपये के एक भी नोट की छपाई नहीं हुई है, ये वही दौर है जब देश में महामारी कोरोना का काल चल रहा था। विशेषज्ञ बताते हैं कि बड़े नोटों पर छपाई का खर्चा भी अधिक आता है, इसलिए गुलाबी नोटों का चलन खत्म हो गया है।

अब बताते हैं कि आखिर कहां गायब हुए 2000 के नोट

2000 ka note एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक ने पिछले दो साल से 2000 रुपये के नोट छापे ही नहीं हैं। पूरा माजरा नोटबंदी में ही छिपा है। सरकार ने 500 और 1000 के नोट ये कहकर बंद किए थे कि भ्रष्टाचार पर लगाम के लिए ये काफी जरूरी है। इससे पुराने नोट मार्केट से बाहर होंगे। ये भी कहा गया था कि नोट जितना बड़ा होता है, नकली नोट छापने वालों को फायदा भी उतना ही होता है।

नोटबंदी के समय 500 और 1000 रुपये की करेंसी भारतीय करेंसी का करीब 86 प्रतिशत था। पीएम मोदी की ओर से घोषणा के बाद ये सारे नोट रातोंरात रद्दी में बदल गए। कई लाख करोड़ रुपए अर्थव्यवस्था से गायब हो गया और पूरा देश अपनी जरूरतों के लिए एटीएम के बाहर लाइन में लग गया। इसके बाद चलन में आया गुलाबी रंग के 2000 रुपये का नोट।

2000 ka note: 2021-22 में नहीं छापा गया 2000 का एक भी नोट

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च 2019 में 329.10 करोड़ रुपये के मूल्य के 2000 के नोट छापे गए। एक साल बाद मार्च 2020 में ये आंकड़ा कम हो गया और 273.98 करोड़ के 2000 के नोट छापे गए। इसके बाद 2021-22 में 2000 रुपये का एक भी नोट नहीं छापा गया।

कहा जा रहा है कि ये सब कुछ एक स्ट्रैटर्जी का हिस्सा है। 2020 में भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिए थे कि बैंकों से 2000 रुपये के नोट हटा दिए जाएं। इसके पीछे भी भ्रष्टाचार को कही कारण बताया गया। इसके बाद पहले ये नोट एटीएम से हटे और फिर बैंकों में भी 2000 के नोट मिलने बंद हो गए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments