कृषि कानून वापस: दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जलेबी बांटी; राहुल, प्रियंका समेत 6 नेताओं की प्रतिक्रियाएं

कृषि कानून वापस: दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जलेबी बांटी; राहुल, प्रियंका समेत 6 नेताओं की प्रतिक्रियाएं

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने 19 नवंबर की सुबह बड़ी घोषणा करते हुए तीनों कृषि कानूनों के वापस लेने का ऐलान किया। इसको लेकर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी पार्टियों ने किसानों की जीत और सरकार की हार करार दिया। दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने जलेबियां बांटकर जश्न मनाया। जानें, मोदी के ऐलान पर किसने क्या कहा...

 

 

1. राहुल गांधी 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी के फैसले पर ट्वीट किया। अपना एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें कहा था कि सरकार को कानून वापस लेने होंगे। 

 

2. राकेश टिकैत

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन तुरंत खत्म नहीं होगा। 

 

टिकैत ने कहा- MSP की गारंटी दें

टिकैत ने ये भी कहा कि लोगों को अभी ज्यादा खुश होने की गारंटी नहीं है। सरकार पहले संसद में कानूनों को खत्म करे, तब बात होगी। 

 

 

3. अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज प्रकाश दिवस के दिन कितनी बड़ी ख़ुशख़बरी मिली। तीनों कानून रद्द। 700 से ज्यादा किसान शहीद हो गए। उनकी शहादत अमर रहेगी। आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी कि किस तरह इस देश के किसानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर किसानी और किसानों को बचाया था।

 

4. ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया- उन सभी किसानों को मेरी तरफ से हार्दिक बधाई, जिन्होंने बिना रुके लड़ाई लड़ी। बीजेपी ने आपके साथ जैसा क्रूर बर्ताव किया, उससे आप नहीं डरे। यह आपकी जीत है। इस लड़ाई में जिन परिवारों ने अपनों को खोया, उन सभी लोगों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।

 

5. मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि सरकार को बहुत पहले ही यह फैसला ले लेना चाहिए था। अब सरकार से अपील है कि जो किसान शहीद हुए उन्हें उचित मदद दे, उनके परिवार में एक सदस्य को सरकारी नौकरी दे।

 

 

6. प्रियंका गांधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 3 ट्वीट किए। कहा- 600 से अधिक किसानों की शहादत, 350 से अधिक दिन का संघर्ष। narendramodi जी आपके मंत्री के बेटे ने किसानों को कुचल कर मार डाला, आपको कोई परवाह नहीं थी। आपकी पार्टी के नेताओं ने किसानों का अपमान करते हुए उन्हें आतंकवादी, देशद्रोही, गुंडे, उपद्रवी कहा, आपने खुद आंदोलनजीवी बोला। अब चुनाव में हार दिखने लगी तो आपको अचानक इस देश की सच्चाई समझ में आने लगी - कि यह देश किसानों ने बनाया है, यह देश किसानों का है, किसान ही इस देश का सच्चा रखवाला है और कोई सरकार किसानों के हित को कुचलकर इस देश को नहीं चला सकती। आपकी नियत और आपके बदलते हुए रुख पर विश्वास करना मुश्किल है। किसान की सदैव जय होगी। जय जवान, जय किसान, जय भारत।