Monday, February 6, 2023
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Budget 2023: रोजगार से लेकर होम लोन, स्वास्थ्य बीमा और बच्चों की पढ़ाई तक; वित्त मंत्री से ये 6 अहम उम्मीदें

Budget 2023 : केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2023 को अपना आखिरी पूर्ण बजट पेश करने जा रही हैं. जिससे लोगों को काफी उम्मीदें हैं. इस आम बजट से लोगों को नौकरीपेशा से लेकर बच्चों की पढ़ाई और होम लोन से स्वास्थ्य बीमा तक के नियमों में बदलाव होने की उम्मीद हैं. जिससे उन्हें राहत मिल सके. इसके साथ ही यह संभावना जताई जा रही है. कि 2024 में Lok Sabha Election को देखते हुए सरकार एक ऐसा बजट पेश कर सकती है, जिससे देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों की उम्मीदों को पूरा किया जा सके. बता दें कि सरकार ऐसे समय में बजट में बदलाव करने जा रही है, जब सभी देश एक वैश्विक महामारी से उबर रहे हैं और वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं.

Budget 2023
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Budget 2023 दरअसल, पिछले बजट में मोदी सरकार (Modi Government) ने नई आयकर व्यवस्था शुरू करने और मानक कटौती में वृद्धि के मामले में वेतनभोगी वर्ग के लिए कुछ बदलाव किए गए थे. इसके बावजूद वेतनभोगी आयकर दाताओं को छूट का लाभ नहीं मिल सका था. ऐसे में आम चुनाव से पहले आ रहे मोदी सरकार-2.0 के आखिरी बजट से उनकी उम्मीदें बढ़ना स्वाभाविक हैं.

Budget 2023 से हैं ये 6 अहम उम्मीदें

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  1. Budget 2023 नौकरीपेशा समेत आमजन की पहली इच्छा तो यही है कि सरकार आगामी बजट में पुरानी और नई कर व्यवस्था दोनों के तहत आयकर की वार्षिक बुनियादी छूट सीमा को मौजूदा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दे. 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तिगत करदाताओं के लिए पुरानी और नई कर व्यवस्था दोनों के तहत 2.5 लाख रुपए की मौजूदा आयकर वार्षिक छूट सीमा में वित्त वर्ष 2014-15 से कोई बदलाव नहीं किया गया है. जीवन जीने से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने वाली चीजों की कीमतों में वृद्धि, महंगाई, कर रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं की संख्या, सरकार द्वारा छोड़े गए कर राजस्व आदि जैसे कई कारकों पर विचार करते हुए मोदी सरकार इस सीमा पर फिर से विचार कर सकती है.
  2. वित्त वर्ष 2014-15 से आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80C के तहत कटौती की सीमा को 1.5 लाख रुपए पर कैप किया गया है. धारा 80 सी के तहत अधिकांश कटौती करदाताओं को सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ), राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और सावधि जमा जैसे लंबी अवधि की बचत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जो देश में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए दीर्घकालिक वित्त पोषण का जरिया बनती है. इसके अलावा करदाता होम लोन चुकाने समेत स्वयं और आश्रितों के लिए बीमा कवर और बच्चों की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण राशि भी खर्च करते हैं. ऐसे में यह एक लोकप्रिय इच्छा है कि कटौती की सीमा को 1.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 3 लाख रुपए किया जा सकता है.
  3. Budget 2023 वित्त वर्ष 2018-19 से स्टैंडर्ड डिडक्शन योजना लागू करके टैक्स-फ्री मेडिकल रीइंबर्समेंट और यात्रा भत्ता छूट वापस ले ली गई थी. यह अलग बात है कि तब से आज तक कटौती की मात्रा तो स्थिर बनी हुई है, लेकिन चिकित्सा व्यय और ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. इस प्रकार इस मद में भी मानक कटौती को 50,000 रुपए की मौजूदा सीमा से बढ़ाकर 1 लाख रुपए करने पर सरकार विचार कर सकती है. इसके अलावा नई वैकल्पिक कर व्यवस्था के तहत कराधान का विकल्प चुनने वाले करदाताओं को मानक कटौती का लाभ प्रदान करने के लिए भी इसका मूल्यांकन किया जा सकता है, क्योंकि ये खर्च किसी भी वेतनभोगी करदाता के लिए जरूरी हैं.
  4. वर्तमान में स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के लिए कटौती की सीमा 25,000 रुपए है, जिसमें स्वयं, पति/पत्नी और आश्रित बच्चों के लिए प्रिवेंटिव जांच शामिल हैं. इसके अलावा माता-पिता के लिए 50,000 रुपए सीमा है, जिनमें से कम से कम एक का वरिष्ठ नागरिक होना जरूरी है. यह देखते हुए कि विगत सालों में अस्पताल में भर्ती होने की लागत और चिकित्सा व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, ऐसे में इन सीमाओं को क्रमशः 50,000 रुपए और 1 लाख रुपए तक बढ़ाया जा सकता है.
  5. Budget 2023 बाल शिक्षा भत्ता के तहत वर्तमान में अधिकतम दो बच्चों की शिक्षा और छात्रावास व्यय के लिए क्रमशः 100 रुपए और 300 रुपए प्रति बच्चा प्रति माह की ही छूट प्राप्त है. छूट की ये सीमा करीब दो दशक पहले तय की गई थी इसलिए हाल के दिनों में शिक्षा की लागत में वृद्धि को देखते हुए इन छूट की सीमा को क्रमशः कम से कम 1,000 रुपए और प्रति बच्चे प्रति माह 3,000 रुपए तक बढ़ाया जा सकता है.
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  1. Budget 2023 होम लोन पर ब्याज के लिए कटौती वर्तमान में 2 लाख रुपए है. ब्याज दरों में वृद्धि और आवास पर ब्याज के लिए उपलब्ध कटौती को 2 लाख रुपए तक सीमित किए जाने के साथ होम लोन लेकर घर लेने वालों को गैर-कर कटौती योग्य ब्याज के मामले में एक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. इसको ध्यान में रखते हुए इस कटौती को 2 लाख रुपए की मौजूदा सीमा से बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया जा सकता है. साथ ही नई कर व्यवस्था के तहत स्वयं के मालिकान हक वाली संपत्ति पर होम लोन पर ब्याज छूट की अनुमति नहीं है. नई टैक्स स्लैब के तहत इस कटौती की सुविधा भी दी जा सकती है.

बता दें कि सरकार के इस बजट 2023 में लोगों को कितनी राहत मिल सकती है यह कहना मुश्किल होगा. ये ता बजट पेश होने के बाद पता चलेगा कि सरकार के इस बजट से किन-किन लोगों को राहत मिलेगी. अब देखना ये है कि सरकार लोगों की उम्मीदें कितनी हद तक पूरा कर सकती है.

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