महंत नरेंद्र गिरि की मौत का मामला: प्रयागराज में लेटे हुए हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी और बेटा भी शक के दायरे में

महंत नरेंद्र गिरि की मौत का मामला: प्रयागराज में लेटे हुए हनुमान मंदिर के मुख्य पुजारी और बेटा भी शक के दायरे में

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत मामले में उनके शिष्य आनंद गिरी को हिरासत में लिया गया है। सहारनपुर पुलिस ने हरिद्वार स्थित उनके आश्रम से आनंद गिरी को हिरासत में लिया। जिसके बाद सहारनपुर पुलिस उन्हें लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हो गई। 

 

 

 

 

 

खबरों के मुताबिक, सात-आठ पन्नों के कथित सुसाइड नोट में आध्या तिवारी का नाम लिखा था, जिसमें लिखा था कि मैं मानसिक रूप से परेशान हूं और अपनी जान ले रहा हूं। एबीएपी अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि को भी हिरासत में लिया गया है।

 

 

 

 

 

 

हरिद्वार के पुलिस अधीक्षक (एसपी) शहर कमलेश उपाध्याय ने कहा, "राज्य पुलिस आनंद गिरी को उत्तर प्रदेश ले गई है।" आरोप की जांच की जा रही है, आनंद गिरि ने इसे "साजिश" कहा है।

 

 

 

 

 

आद्या तिवारी को भी पुलिस ने उठाया

 

 प्रयागराज में विश्व प्रसिद्ध लेटे हुए हनुमान जी के मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी को एसओजी ने नैनी में छापामारी कर पकड़ लिया। देर रात तक उसके बेटे संदीप की तलाश में छापामारी चलती रही।  आईजी केपी सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरि ने आनंद गिरि, आद्या तिवारी और आद्या तिवारी के बेटे संदीप समेत अन्य के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी लिखा है कि नरेंद्र गिरि ने जब से अखाड़ा परिषद की कमान संभाली, तब से उसका विकास किया। रुपयों के लेनदेन में कभी हेराफेरी नहीं की। उन पर आपत्तिजनक आरोप लगाया जा रहा है। ब्लैकमेल किया जा रहा है। इस सुसाइड नोट में उन्होंने अपने शिष्यों के कामों का भी उल्लेख किया है। एक तरीके से वसीयतनामा लिखा है कि किस शिष्य को कौन का काम दिया जाए।