चाणक्य नीति: जिंदगी में चाहते हैं सुख-शांति तो चाणक्य की इन बातों को करें आत्मसात

चाणक्य नीति: जिंदगी में चाहते हैं सुख-शांति तो चाणक्य की इन बातों को करें आत्मसात

 

 

 

 

हर व्यक्ति रूपया, पैसा गाड़ी बंगला आदि पाना चाहता है। ताकि वह एक खुशहाल जिंगदी जी सके। इसके लिए वह जी तोड़ मेहनत भी करता हैं। कई बार यह सब हासिल कर लेने के बाद भी दुखों का सामना करना पड़ता हैं। ऐसे में आचार्य चाणक्य ने मनुष्य के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए कुछ चीजों को बताया। कहा जाता है कि आचार्य द्वारा बताई गई इन बातों को जो व्यक्ति जीवन में आत्मसात करता है वह एक खुशहाल जिंदगी व्यतीत करता हैं। ऐसे में आचार्य ने जीवन को खुशहाल बनाने के लिए क्या टिप्स दिया है चलिए जानते हैं।

 

 

 

 

 

 

 

सुख-शांति के जीवन में अपनाए ये चीजें

आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में बताया है कि मनुष्य को उन चीजों का कभी सेवन नहीं करना चाहिए। जो उसे न पचे। यह आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकता हैं। आचार्य का मत है कि अपमान जीवन का वह कड़वा सच है जिसे इंसान चाहकर भी नहीं भुला पाता है। कई बार इंसान उस घटना को याद करके मन में कड़वाहट भरता हैं। इसलिए जरूरी है कि उन जगहों पर कभी न जाएं जहां आपका सम्मान न हो।

 

 

 

 

 

 

 

 

इसी तरह आचार्य कहते है कि लाइफ में कभी भी परिजनों अथवा दोस्तों के साथ ईगों की भावना न रखे। क्योंकि इससे होने वाले नुकसान की भरपाई कभी नहीं होती है।

 

जो इंसान आपके समझाने पर भी आपकी बात को दरकिनार कर गलत कदम उठाएं। उसे कभी समझाने की कोशिश न करें। क्योंकि ऐसा करना एक मूर्खता भरा काम हो सकता है। यह कभी-कभार तकलीफ देह हो सकता है।

 

 

ठीक इसी प्रकार जो व्यक्ति के अंदर सच सुनने की हिम्मत न हो और वह सच सुनकर नाराज हो जाए उसे कभी भी मनाने की कोशिश नहीं करना चाहिए। ऐसा आचार्य का मत हैं।

 

नोट- यह आलेख सामान्य जानकारी एवं मान्यताओं पर आधारित है।