कमिश्नर सिस्टम: गृहमंत्री बोले- दो से तीन दिन में लागू करेंगे, इन विभागों से मिली मंजूरी

कमिश्नर सिस्टम: गृहमंत्री बोले- दो से तीन दिन में लागू करेंगे, इन विभागों से मिली मंजूरी

 

भोपाल/इंदौर. प्रदेश के इंदौर, भोपाल में दो से तीन दिन में कमिश्नर प्रणाली  लागू हो जाएगी। इसके ड्रॉफ्ट को गृह, वित्त और विधि विभाग से मंजूरी मिल गई है। इसकी जानकारी गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा  ने 26 नवंबर को दी। फिलहाल देश के 71 शहरों में कमिश्नर सिस्टम लागू है। इसके लागू होने के बाद पुलिस को अतिरिक्त अधिकार मिलेंगे।

 

पुलिस को मजिस्ट्रेट के अधिकार मिल जाएंगे

  • प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के मामलों में मजिस्ट्रेट के अधिकार DCP और ACP के पास आ जाएंगे।
  • सरकार जरूरत के हिसाब से DCP की नियुक्ति करेगी, जो SP रैंक के होंगे।
  • आर्म्स, आबकारी और बिल्डिंग परमिशन का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) देने जैसे अधिकार भी पुलिस के पास होंगे।
  • मध्य प्रदेश में कमिश्नर प्रणाली लागू करने की कवायद बीते 10-12 साल से चल रही है। इस बीच ओडिशा, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में कमिश्नर सिस्टम लागू कर दिया गया।

 

कलेक्टर के अधिकार छिनेंगे

इस सिस्टम के लागू होने के बाद कलेक्टर के कई अधिकार पुलिस कमिश्नर को मिल जाएंगे, जिनमें हथियार लाइसेंस, होटल या बार लाइसेंस शामिल हैं। साथ ही किसी भी प्रकार के आयोजन (सांस्कृतिक कार्यक्रम, कॉन्सर्ट, विरोध प्रदर्शन, धरना) की अनुमति देने का अधिकार भी पुलिस के पास होगा। इसके अलावा कई स्थितियों में धारा 144 लगाने से लेकर बल प्रयोग और संवेदनशील मामलों में रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून जैसी धाराओं का इस्तेमाल करने के अधिकार इनमें शामिल हैं। इसमें प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के लिए पुलिस ही मजिस्ट्रेट पॉवर का इस्तेमाल करती है।

 

 

इंदौर और भोपाल में पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर विरोध भी तेज हो गया है। मध्य प्रदेश के आईएएस एसोसिएशन के साथ ही मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा संघ और तहसीलदारों-नायब तहसीलदारों के संगठन राजस्व अधिकारी संघ ने भी इस प्रस्ताव को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इधर, प्रदेश सरकार में मंत्री भूपेंद्र सिंह भी कह चुके हैं कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली के परिणाम अच्छे आए तो बाकी शहरों में भी इसे करेंगे लागू। अच्छे परिणाम नहीं आने की स्थिति में भोपाल-इंदौर से भी इसे वापस लिया जाएगा'।

 

 

देश के 19 महानगरों की आबादी 20 लाख से ज्यादा है। इसमें से 14 महानगर ऐसे हैं, जहां पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है। 20 लाख से ज्यादा आबादी वाले 6 शहर, जिनमें पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू नहीं है, इनमें मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर, बिहार का पटना और उत्तर प्रदेश का कानपुर, लखनऊ और गाजियाबाद शामिल हैं। 34 शहर ऐसे हैं, जिनकी आबादी 10 से 20 लाख के बीच है। इनमें से 26 शहर ऐसे हैं, जहां पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू है। देश में 31 शहर ऐसे भी हैं, जहां आबादी 10 लाख से कम है, इसके बावजूद भी इन शहरों में यह व्यवस्था लागू है।