भाकपा कार्यकर्ताओं ने मौन होकर कैंडील मार्च निकालकर लखीमपुर-खीरी में शहीद हुए किसानों व पत्रकार साथी को दिया श्रद्धांजलि

भाकपा कार्यकर्ताओं ने मौन होकर कैंडील मार्च  निकालकर लखीमपुर-खीरी में शहीद हुए किसानों व पत्रकार साथी को दिया श्रद्धांजलि

 

 

 

 

 

सोनभद्र, चोपन। रविवार की शाम को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्त्ता ने लखीमपुर खीरी में चार किसान,एक पत्रकार सहित आठ लोगों की हत्या के विरोध में शाम को पटवध स्थित पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय से डेढ़ किमी की दूरी तय करते हुए चोपन नगर के बैरियर तक मौन होकर कैंडील मार्च निकालकर मृतकों को श्रद्धांजलि दिया।

 

 

 

 

 

 

 

इस मौके पर भाकपा के जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा जी ने कहा कि भाजपा सरकार के केंद्रीय राज्यमंत्री और उनके पुत्र की भूमिका लखीमपुर नरसंहार में जगजाहिर है।हजारों के बीच किसान सहित पत्रकार को कुचलकर मार डाला गया।यह कार्यवाही केंद्रीय राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्र ‘टेनी’के उकसावे से हुई।उनके पुत्र आशीष और घटनाक्रम का वीडियो देशभर के लोग देख सुन रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

जान की क्षतिपूर्ति के लिए कुछ लाख रुपये देने भर से समस्या का हल नहीं है।यह देश मे लोकतांत्रिक मान मर्यादा में सरकार चलाने वालों की मनमानी के खिलाफ जन अधिकार की बहाली और सुरक्षा का बड़ा सवाल है।

 

 

 

 

 

 

 

 


भाकपा जिला कार्यकारिणी सदस्य कामरेड अमरनाथ सूर्य ने कहा कि हमारी पार्टी इस सवाल पर चार अक्टूबर से ग्यारह अक्टूबर तक राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिवाद कर रही है।हमारी मांग है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाय।उनके पुत्र और इस कृत्य से शामिल अन्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाय।हाइकोर्ट के कार्यरत जज से मामले की जांच कराई जाय।सत्ता द्वारा विपक्षी दलों के लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन पर रोक लगाई जाय और किसानों के हित में तीनों कृषि कानूनों को तत्काल रद्द किया जाए ।

 

 

 

 

 


उपस्थित भाकपा कार्यकर्ताओं ने यह भी चेताया की उक्त मांगे जब तक नहीं मानी जाएंगी तब तक हमारा आंदोलन और तेजी से जारी रहेगा।

 

 

 

 

 

 


इस मौके पर सुरेश प्रसाद,,मो मुस्तफा,बुद्धिराम, योगेन्द्र दूबे,संजय शर्मा, पशुपतिनाथ विश्वकर्मा,राजू सिंह, अविनाश श्रीवास्तव, सी पी माली,प्रभात चंद्र पांडेय,वेद प्रकाश दूबे , सुरेश सिंह खरवार, रामसेवक,राम चंद्र अगरिया, श्रवण चेरो ,रजवंति, शांति देवी , दिनेश्वर वर्मा कमला प्रसाद, सुनील सोनी ,सिया राम, विरेन्द्र सिंह गोंडआदि सहित सैकड़ों की तादाद में किसान और मजदूर उपस्थित रहे।