ग्वालियर: जन-कल्याण और सुराज अभियान अंतर्गत 34 हजार ग्रामों की जल-प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगति पर

ग्वालियर:  जन-कल्याण और सुराज अभियान अंतर्गत 34 हजार ग्रामों की जल-प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रगति पर

 

 

 

 

 

ग्वालियर: प्रदेश में जल जीवन मिशन में अब तक 3325 ग्रामों के शत-प्रतिशत घरों में नल से जल पहुँचाया जा चुका है। समूची ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था किए जाने के लिए जल जीवन मिशन में राज्य सरकार के प्रयास तेजी से जारी हैं। मिशन में निरंतर कार्यों के आंकलन के अनुसार ग्रामीण परिवारों तक नल कनेक्शन से जल पहुँचाने के लिए 1864 ग्रामों की जल-प्रदाय योजनाओं में 90 से 100 प्रतिशत, 1681 ग्रामों में 80 से 90 प्रतिशत, 1469 ग्रामों में 70 से 80 प्रतिशत और 28931 ग्रामों की जल-प्रदाय योजनाओं में 70 प्रतिशत तक कार्य पूर्णता की ओर हैं। समग्र रूप से प्रदेश के कुल राजस्व ग्राम 53738 में से 33 हजार 945 ग्रामों में जल्द नल कनेक्शन से पेयजल उपलब्ध करवाया जा सकेगा। जल जीवन मिशन में प्रदेश में जून 2020 से जल-प्रदाय योजनाओं के कार्य प्रारम्भ किए गये थे।

 

 

 

 

 

 

 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और जल निगम द्वारा ग्वालियर और चंबल संभाग में 963 जलप्रदाय योजनाओं का कार्य जारी है। प्रगतिरत इन जलप्रदाय योजनाओं की लागत 1143 करोड़ 43 लाख 05 हजार रूपये है। ग्वालियर संभाग के अन्तर्गत ग्वालियर जिले में 132, दतिया 150, शिवपुरी 87, अशोकनगर 74 और दतिया में 19 जलसंरचनाओं में कार्य हो रहा है। इसी तरह चंबल संभाग के अन्तर्गत मुरैना जिले की 345, भिण्ड 129 और श्योपुर जिले की 27 जलसंरचनायें शामिल हैं। इन जिलों के विभिन्न ग्रामों में पूर्व से निर्मित पेयजल अधोसंरचनाओं को नये सिरे से तैयार कर रेट्रोफिटिंग के अन्तर्गत भी कार्य किये जा़ रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

ग्वालियर संभाग के 249 ग्रामों और चम्बल संभाग के 118 ग्रामों के शत-प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक नल कनेक्शन से जलापूर्ति की जा चुकी है। दोनों संभागों के आठों जिलों में 4288 ग्रामों की जलप्रदाय योजनाओं के कार्य 70 से 90 प्रतिशत पूर्ण किए जा चुके हें। जल जीवन मिशन के तहत जलप्रदाय योजनाओं में जहाँ जलस्त्रोत हैं, वहाँ उनका समुचित उपयोग कर आसपास के ग्रामीण रहवासियों को पेयजल प्रदाय किया जायेगा। ऐसे ग्रामीण क्षेत्र जहाँ जलस्त्रोत नहीं हैं वहाँ जलस्त्रोत निर्मित किए जायेंगे। समूची ग्रामीण आबादी के लिए यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य है।