Health Insurance अपने चहेतों की जिंदगी सुरक्षित करने के साथ Tax में भी बचत कराता है

Health Insurance अपने चहेतों की जिंदगी सुरक्षित करने के साथ Tax में भी बचत कराता है

 

 

 

 

Health Insurance:आज भी लोग स्वास्थ्य बीमा करवाने से किनारा काटते हैं. हेल्थ इंश्योरेंस खुद और खुद के चहेतों की जिंदगी के लिए बेहद ही जरूरी होता है. कई बार ऐसा होता है कि हमें अस्पतालों में इलाज के लिए लंबा चौड़ा बिल भरना पड़ जाता है तब हमें लगता है कि काश! हेल्थ इंश्योरेंस करा लिया होता. आपके साथ भी ऐसा न हो इसलिए सबसे पहले स्वास्थ्य बीमा के फायदे.

 

 

 

 

फायदे

भारत में कई ऐसी कंपनियां हैं जो हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance Companies in India) देती हैं. जिनमें सरकारी और प्राइवेट बैंक भी शामिल हैं. इन कंपनियों का अस्पतालों से टाई अप होता है. अगर आप हेल्थ इंश्योरेंस होल्डर हैं और समय समय में उसका प्रीमियम (Health Insurance Premium) भरते हैं तो उन अस्पतालों में आपके या आपके परिवार वालों का इलाज का बिल इंश्योरेंस कंपनी को भरना होता है.

 

 

 

 

 

 

टैक्स में छूट

स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) का एक दूसरा भी फायदा है. इसके जरिए आप टैक्स भी बचा सकते हैं. सही मायने में देखा जाए तो हेल्थ इंश्योरेंस टैक्स सेविंग का अच्छा विकल्प है. यानि अगर आप किसी भी कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम जमा करते हैं तो आपको Income Tax Act के सेक्शन 80D के तहत छूट (exemption) का लाभ मिलता है. मतलब आपकी नेट टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) से यह अमाउंट घट जाता है. सेक्शन 80डी के तहत 25 हजार से लेकर 75 हजार तक छूट का लाभ (Benefits) उठाया जा सकता है.

 

 

 

 

 

 

 

 

ऐसे मिलता है आयकर में एक्सेम्पशन

  • अगर आपने इंडिविजुअल और स्पाउस की पॉलिसी ली है तो अधिकतम 25 हजार तक की छूट मिलेगी.
  • मेडिकल इंश्योरेंस में अगर पैरेंट शामिल हैं और उनकी उम्र 60 साल से नीचे है तो 50 हजार तक छूट मिलेगी.
  • अगर पैरेंट की उम्र 60 से ज्यादा है तो आपको 75 हजार तक छूट मिलती है.

 

 

 

 

 

 

SBI, Religare, HDFC Ergo, PNB Metlife, Star, ICICI Lombard जैसी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां (Health Insurance Companies in India) अलग अलग तरह के इंश्योरेंस प्लान पेश करती हैं. जिनमें कैशलेस जैसे प्लान भी शामिल होते हैं. अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस का कैशलेश प्लान है तो आपको सम्बंधित अस्पताल में इलाज के पहले अपने इंश्योरेंस एजेंट या कंपनी के हैल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अस्पताल से टाईअप होने की जानकारी ले लेनी चाहिए.

हांलाकि अब हर तरह के छोटे-बड़े अस्पताल का कंपनियों से टाईअप रहता है. अगर आपका इंश्योरेंस प्लान कैशलेश (Cashless Health Insurance Plan) है तो इसकी जानकारी आपको अस्पताल में बने इंश्योरेंस डेस्क में देनी होगी. जहां आपको इलाज के इस्टीमेट का कुछ राशि अदा करना पड़ सकता है और शेष इलाज का खर्चा (Mediclaim) इंश्योरेंस कंपनी उठाएगी.