सड़क के अधूरे निर्माण ने ली दो बच्चों की जान, परिजनों ने लगाया जाम

सड़क के अधूरे निर्माण ने ली दो बच्चों की जान, परिजनों ने लगाया जाम

सतना :  सड़क किनारे खेत में खेल रहे दो बच्चे सडके अधूरे निर्माण के गड्ढे में जा गिरे। बच्चों को परिजन जानकीकुण्ड चिकित्सालय ले गये जहां परीक्षण के बाद डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। दो बच्चों की मौत के बाद ठेकेदार की लापरवाही पर गुस्साए परिजन सतना-चित्रकूट हाइवे जाम कर दिया। लोगों द्वारा 8 लाख रूपये मुआवजा की माग करने के साथ ठेकेदार पर कार्रवाई के लिए अडे थे। मौके पर पहुंची पुलिस के आधिकारियो ने कार्रवाई का भारोषा दिया इसके बाद मामला शांत हुआ। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

क्या है पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार चित्रकूट मे ठेकेदार की लापरवाही ने दो मासूम बच्चों की जान ले ली। परिजनो के साथ खेत गये बेटा दीपक उम्र 9 वर्ष और बेटी निराशा 7 पास में खेल रहे थे। बताया जाता है कि खेलते-खेलते दोनो अचानक सडक के गहरे गड्ढे में जा गिरे। बच्चों के चीखने की आवाज सुनकर परिजन वहां पहुचे और बच्चों को निकाल कर जानकीकुण्ड अस्पताल ले गयें। लेकिन तब तक कफी देर हो चुकी थी। डाक्टरों ने बच्चों को मृत घोषित कर दिया। 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

बच्चों की मौत हो जाने की जानकारी होते ही परिजन और साथ रहे गांव के लोग आक्राशित हो गये। लोगों ने बच्चों का शव लेकर सतना-चित्रकूट मार्ग जाम कर दिया। ऐसे में सडक पर भारी जाम लग गया। वही जानकारी होने पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियो ने परिजनों से चर्चा की और कार्रवाई का भरोषा दिलाया। जिसके बाद जाम खुला और बच्चों का शव लेकर परिजन चले गये।