बैढ़न पटवारी की सोंच देखिये- किसान इनको लगते है ग्राहक,ऑडियो वायरल

बैढ़न पटवारी की सोंच देखिये- किसान इनको लगते है ग्राहक,ऑडियो वायरल

दलालों के इशारे पर हो रहा काम,विधायक को भी कर रहा बदनाम

 

 

अनोखी आवाज़ सिंगरौली। रामचरित मानस की उक्त चौपाई से बखूबी वाकिफ होंगे "जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी " इसका आशय तो आप बखूबी जानते होगे यदि नही जानते होंगे तो आज समझ लीजिये जिसकी जैसी भावना उसी के अनुरूप प्रभु (श्रीराम) को उसी रूप में देखा।

मतलब साफ है जो किसान अपनी जमीनी से जुड़े कार्यो के लिए पटवारी के पास जाता है उसको ग्राहक समझकर कर लुटा जाता होगा..? नक्शा,खसरा, ऋण पुस्तिका, सहित अन्य कागजात पटवारी साहब के लिए कोई वस्तु है और वस्तु लेने के बदले उसकी भारी भरकम कीमत वसूलते होंगे..? यह खुलासा तब हुआ जब एक हितग्राही अपने कार्य के लिए पटवारी उमेश नामदेव से कई दिनों से संपर्क कर रहा था लेकिन उसके फोन का पटवारी कोई जवाब नहीं दे रहे थे और अचानक काफी दिनों बाद पुनः जब उसने फोन किया तो फोन उठा लिए ,तो उसने पूछा क्या बात है पटवारी साहब फोन नहीं उठाते, पटवारी बोले ग्राहक बैठे रहे रहे होंगे इसलिए बात नहीं हो पाई रही होगी। यह सुनकर हितग्राही चौक गया और बोला कैसा ग्राहक पटवारी साहब ..? आपकी कोई दुकान तो नहीं है आप तो पटवारी हैं ये ग्राहक कहां से बीच में आ गया लेकिन पटवारी का जवाब था नहीं यह मेरे लिए ग्राहक ही है।

 

 


सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑडियो

अपनी कार्यप्रणाली के लिए सुर्खियों में बने रहने वाले बैढ़न पटवारी उमेश नामदेव इन दिनों पुनः सुर्खियों में है। आखिर सुर्खियों में रहे भी क्यों न पटवारी साहब के बारे में लोग बताते हैं कि जमीन के मामले में असंभव को भी संभव करने की क्षमता इनके अंदर है। उदाहरण देखने के लिए कहीं दूर जाने की आवश्यकता नहीं है बैढन रामलीला मैदान स्थित एक जमीन की दो तरमीन का ही ताजा मामला देखा जा सकता है। विवादित बैढ़न पटवारी को हटाने की भी कोई जहमत नहीं उठा रहा है। लिहाजा इनकी कार्यप्रणाली को लेकर आम जनमानस में आक्रोश व्याप्त है और दलाल मालामाल हो रहे हैं।

 

 


विधायक को भी कर रहा बदनाम

माल खाए मिया लात खाये डफाली " मतलब कसूर किसी और का और सजा कोई और भुगते। ऐसा ही आलम है कुछ पटवारी साहब का । सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार उमेश नामदेव विधायक से अच्छे संबंध होने का दावा करते हैं लिहाजा ज़िस कारण कोई भी इनके ऊपर हाथ डालने में भी कतराता है, अब इसमें कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन फिलहाल तो विधायक को भी बदनाम करने में पटवारी कोई कसर नहीं छोड़ रहा है..? इनके कार्यालय का आलम कुछ ऐसा है कि सुबह से शाम तक दलालों का जमावड़ा लगा रहता है और हितग्राही व किसानों को कस्टमर समझकर उनसे उगाही की जाती है।

 

 

 

 

 

 

यदि आप भी है पटवारी से पीड़ित तो देर कैसा आज ही संपर्क करें- अनोखी आवाज़ टीम से हम उठाएंगे आपकी आवाज

 

 


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