MP: बेसहारा शावको को मिला सहारा, वन अमले ने ली राहत की सांस

MP: बेसहारा शावको को मिला सहारा, वन अमले ने ली राहत की सांस

पन्ना। मध्य प्रदेश के नेशनल पार्क पन्ना में एक बाघिन की मौत हो गई। हाल के दिनों में बाघिन ने 4 शावकों को जन्म दिया था। अब सबसे ज्यादा समस्या बच्चो के देखरेख तथा पालन पोषण की थी। ऐसे में नेशनल पार्क का वन अमला भी काफी चिंतित था।

इसी दौरान राहत  भरी खबर यह आई कि शवको के सिर से मां का साया उठ जाने के बाद उसका जैविक पिता एक बाघ उनका सहारा बन गया है। शावकों को बाघ का सहारा मिलते ही वन अमले ने राहत की सांस ली। 

 

 

बाघिन पी-213(32) की मौत

पन्ना नेशनल पार्क में 15 मई कोयुवा बाघिन पी-213(32) की मौत हो गई। उसके 4 शावक तो पहले लापता हो गये थे। जिनकी काफी खोजबीन की गई। कई दिनो तक शावकों का कहीं पता नही चला लेकिन।

वही हाल में पता चला कि चारों शवकों की देखभाल युवा बाघ पी-243 कर रहा है। पी-243 बाघ के साथ सावक काफी स्वस्थ हैं।

 

 

बाघ कर रहा शिकार

जानकारी के अनूसार बाघ पी-243 शावकों केा अपने साथ रखता है। वह मां की तरह देखभाल कर रहा है। शावको के लिए बाघ शिकार कर रहा है। ऐसे मे माना जा रहा है कि अगर आगामी 4 माह तक बाघ शावकों के सथ रहता है तो वह शिकार करने तथा अपनी आत्मरक्षा करने में सक्षम होंगे। 

 

 

बाघ पी-243 पर लगा है सेटेलाइट कॉलर 

बाघ पी-243 को सेटेलाइट काॅलर आई डी पहनाया गया है। जिसके बाद माना जा रहा है कि बाघ का लोकेश तो ट्रैक होगा साथ में उसके सथ रह रहे चार शावकों के बार में जानकारी मिलेगी।

 

 

वहीं वन प्रशासन जज्दी ही चार में से किसी एक शावका को भी सेटेलाइट कालर आईडी पहनाने की तैयारी कर रहा है।