यूपी में सियासी सरगर्मीया बढ़ी: लखीमपुर को लेकर सीएम योगी की बैठक, ले सकते हैं बड़े फैसले

यूपी में सियासी सरगर्मीया बढ़ी: लखीमपुर को लेकर सीएम योगी की बैठक, ले सकते हैं बड़े फैसले

 

 

 

UP: लखीमपुर खीरी घटना को लेकर यूपी में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। लखीमपुर खीरी किसानों से मिलने निकली प्रियंका गांधी ने पूरी रात यूपी पुलिस की नींद उड़ा दी। आखिरकार सीतापुर पुलिस ने हरगांव में उन्हें सुबह 4 बजे गिरफ्तार कर लिया। वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिंसाग्रस्त जिले जाने से रोक दिया गया जिसके विरोध में सपा मुखिया अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद अखिलेश को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सपा के सैकड़ों समर्थकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और धक्कामुक्की हुई। इस बीच गौतमपल्ली थाने के पास कुछ अराजक तत्वों ने एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया।

 

 

 

 

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलाई बैठक, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और आला अधिकारी भी बैठक में मौजूद, लखीमपुर की घटना समेत विभिन्न बिंदुओं पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे चर्चा, सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की रिपोर्ट भी तलब की थी

-शिवपाल यादव को इंजीनियरिंग कॉलेज , जानकीपुरम के पास प्रशासन ने रोका। शिवपाल यादव कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में, पुलिस लाइन ले जाया जा रहा है।

-लखीमपुर कांड के विरोध में बाराबंकी के छाया चौराहे पर सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं

-अखिलेश के साथ राम गोपाल यादव भी हिरासत में लिये गए

-अखिलेश यादव को  ईको गार्डन की ओर ले जा रही है पुलिस

-अखिलेश यादव को पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया और अपनी गाड़ी में बिठा लिया

 

 

 

-रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी को दिल्ली से लखीमपुर खीरी जाते हुए उनका काफिला गढ़ टोल से निकला। सूचना मिलते ही गढ़ पुलिस भी दौड़ पड़ी।

-गोंडा में पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे के घर के बाहर फोर्स तैनात की गई है। वहीं सपा नेता सूरज सिंह की गतिविधियों पर भी पुलिस नजर बनाए हुए हैं।

-प्रशासन देखता खड़ा रह गया, शिवपाल यादव लखीमपुर के लिए निकले

-सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस  गाड़ी में आग लगाई

-अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार सच छिपा रही है। किसानों की मांगें जायज हैं, लंबे समय से वह आंदोलन कर रहे हैं

-अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों पर जुल्म कर रही है,  गृह राज्य मंत्री इस्तीफा दे, मृतक के परिवारीजनों को  2-2करोड़ मुआवजा दिया जाए

 

 

 

-अखिलेश यादव घर के सामने धरने पर बैठे, पुलिस ने लखीमपुर जाने से रोका, कार्यकर्ताओं को भी साथ बैठने को कहा

-अखिलेश यादव गाड़ी से बाहर आए और कार्यकर्ताओं को शांत रहने को कहा।   

-अखिलेश गाड़ी में बैठ कर बाहर निकले, पुलिस रोकने में लगी, कार्यकर्ता भी साथ में नारेबाजी तेज

-वरुण गांधी ने ट्वीट कर कहा कि लखीमपुर खीरी की हृदय-विदारक घटना में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस प्रकरण में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से सख्त कार्यवाही करने का निवेदन करता हूं।

 

 

 

 

-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता  एवं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना की कड़ी निंदा की है। तृणमूल ने सोमवार को पार्टी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को घटनास्थल पर भेजने की भी घोषणा की है। 

-अखिलेश व शिवपाल के आवास पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी। पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही है।

-इटौंजा थाने में बंद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुबह छोड़ा गया उनकी लेकिन 1 दर्जन से ज्यादा गाड़ियां सीज़ की गईं। प्रियंका अब भी सीतापुर पुलिस लाइंस में।

-9:15  बजे लखीमपुर के लिए निकलेंगे प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव

-यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने लखनऊ एयरपोर्ट से छत्तीसगढ़ CM भूपेश बघेल और पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर एस.रंधावा को एयरपोर्ट पर उतरने की इजाजत नहीं देने को कहा।लखीमपुर खीरी में कल घटित घटना के बाद भूपेश बघेल और सुखजिंदर एस.रंधावा ने लखीमपुर खीरी जाने की घोषणा की थी।

 

 

-केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज  

-AAP सांसद संजय सिंह को लखीमपुर जाते समय सीतापुर में रोका गया। हिरासत में लिया गया।

-अखिलेश के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात, शिवपाल सिंह यादव और सतीश चंद्र मिश्रा के आवास के बाहर भी पुलिस का पहरा

-प्रियंका गांधी के काफिले के साथ कांग्रेस के समर्थक पुलिस लाइन गेट के अंदर घुसे, वाहिनी जवानों से  कांग्रेसियों की हुई झड़प, पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए गए

-हजारों किसान विभिन्न जिलों से पहुंचे, जोरदार नारेबाजी और हंगामा , खीरी जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा,  एडीजी और आईजी पीलीभीत बॉर्डर पर जमे

 -आईजी, कमिश्नर डीएम और एसएसपी के साथ राकेश टिकैत की वार्ता शुरू ,राकेश टिकैत ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी, मंत्री अजय मिश्र टेनी को सस्पेंड करने, मृतक किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ मुआवजे की मांग की

-बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को लखीमपुर खीरी जाने से पहले हाउस अरेस्ट कर दिया गया है

-किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने सैकड़ों समर्थकों के साथ घटनास्‍थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया

 

 

यह है पूरी घटना

घटनाक्रम के अनुसार रविवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जिले में थे। दोपहर में उनको केंद्रीय राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के गांव बनवीरपुर जाना था। उप मुख्यमंत्री के आने के विरोध में सुबह से ही किसान उतर आए थे। तिकुनियां के महाराजा अग्रसेन इंटर कालेज में बनाए गए हेलीपैड पर किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी कर दीं। सैकड़ों की संख्या में काले झंडे लेकर किसान वहां मौजूद थे और उप मुख्यमंत्री के विरोध का ऐलान कर रहे थे। 

 

 

इसी बीच अचानक बनवीरपुर की ओर से बेहद तेज गति से आती दो कारें किसानों के बीच घुस गईं। उनको रौंदती हुई चली गई। इसमें एक कार में केंद्रीय राज्यमंत्री के बेटे आशीष मिश्र मोनू के सवार होने का दावा किसान यूनियन ने किया है हालांकि हालांकि केंद्रीय मंत्री की ओर से इससे इंकार किया गया है। हादसे में 12 से ज्यादा किसान जख्मी हो गए। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने हादसा करने वाली गाड़ियों में तोड़-फोड़कर आग लगा दी। कार में जो भाजपाई मिला, उसको पीटा। इसके बाद भगदड़ मच गई।

 

 

किसानों का आक्रोश देखकर पुलिस भी मैदान छोड़कर भाग खड़ी हुई। घटना में कई पत्रकार भी  गंभीर जख्मी हो गए। बवाल के बाद पुलिस ने तिकुनिया से पहले ही बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। दर्जनों किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत की चर्चा होने लगी। देर रात केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र ने अपने ड्राइवर सहित चार भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत का दावा किया। कुछ देर पर जिलाधिकारी अरविन्द चौरसिया ने कार दुर्घटना में चार लोगों के मरने की बात कही। लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मरने वाले चारों लोग किसान हैं या कोई और। न ही उन्होंने कुल मृतकों की संख्या के बारे में साफतौर पर कुछ कहा। 

 

 

 

 

कार्रवाई पर अड़े किसान, बोले-दोषियों की गिरफ्तारी के बाद ही करेंगे शवों का अंतिम संस्‍कार

 

 

लखीमपुर हिंसा के लिए केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को जिम्‍मेदार ठहराते हुए किसानों ने आरोपित की गिरफ्तारी होने तक शवों का अंतिम संस्‍कार न करने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि इस मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्‍या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

 

 

 

 

लखीमपुर के तिकुनिया थाने में उनके खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, दुर्घटना और बलवा की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर बहराइच नानपारा के जगजीत सिंह की तहरीर पर दर्ज की गई है। बेटे पर लगे आरोपों को लेकर मंत्री अजय मिश्रा ने सफाई दी है कि किसानों के बीच छुपे हुए कुछ उपद्रवी तत्वों ने उनकी (भाजपा कार्यकर्ताओं) गाड़ियों पर पथराव किया, लाठी-डंडे से वार करने शुरू किए। फिर उन्हें खींचकर लाठी-डंडों और तलवारों से मारापीटा, इसके वीडियो भी हमारे पास हैं। उन्होंने गाड़ियों को सड़क से नीचे खाई में धक्का दिया। उन्होंने गाड़ियों में आग लगाई, तोड़फोड़ की। मेरा बेटा कार्यक्रम खत्म होने तक वहीं(कार्यक्रम स्थल) था, उन्होंने जिस तरह से  घटनाएं की हैं अगर मेरा बेटा वहां(घटनास्थल पर) होता तो वो उसकी भी पीटकर हत्या कर देते।

 

लोगों की मौत हो गई थी। इनमें चार किसान हैं। इस मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। आपको बता दें कि देर रात कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया। 

 

किसानों का आरोप 

किसान संघ के एक नेता डॉ दर्शन पाल ने कहा, 'किसानों ने मंत्रियों के आगमन को रोकने के लिए हेलीपैड का घेराव करने की योजना बनाई थी। एक बार यह समाप्त हो गया और अधिकांश लोग वापस जा रहे थे। इस बीच तीन कारें आईं और किसानों को कुचल दिया। एक किसान की मौके पर ही मौत हो गई। मंत्री का बेटा कार में था।' किसान संघों ने कहा कि कार की चपेट में आने से चार किसानों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं में से एक तेजिंदर एस विरक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

 

 

 

 

 

मंत्री पुत्र की सफाई

केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा ने अपनी सफाई में कहा कि वह सुबह नौ बजे से कार्यक्रम खत्‍म होने तक बनवारीपुर में ही थे। उन्‍होंने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। साथ ही इस मामले की न्‍यायिक जांच कराने की मांग की। आशीष मिश्रा ने कहा कि मामले में दोषियों को सजा जरूर मिलनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि उनके तीन वाहन डिप्‍टी सीएम को रिसीव करने गए थे। उन्‍हें दंगल के कार्यक्रम में बतौर मुख्‍य अतिथि शिरकत करनी थी। रास्‍ते में वाहनों पर कुछ अराजक तत्‍वों ने जमकर पत्‍थर चलाए। इसके बाद गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। तीन से चार कार्यकर्ताओं को पीट-पीटकर मार डाला गया।