रायपुरः प्रोजेरिया से जूझ रहे युवा शैलेन्द्र बना एक दिन का कलेक्टर, CM बघेल ने खिलाई मिठाई

रायपुरः प्रोजेरिया से जूझ रहे युवा शैलेन्द्र बना एक दिन का कलेक्टर, CM बघेल ने खिलाई मिठाई

 

 

 

 

 

 

रायपुरः प्रोजेरिया से पीड़ित छत्तीसगढ़ के शैलेंद्र ध्रुव को आज एक दिन के लिए कलेक्टर बनाया गया. खुद डिप्टी कलेक्टर रुचि शर्मा पीड़ित बालक को उनके घर लेने पहुंची इस दौरान कलेक्टर के जैसे सारे प्रोटोकॉल का पालन किया गया. खास बात यह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  एसपी कान्फ्रेंस में शैलेंद्र ध्रुव को अपने बगल में बैठाया. इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ शैलेन्द्र को भी ''गार्ड ऑफ ऑनर''  मिला।

 

 

 

सीएम बघेल ने खिलाई मिठाई


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ही शैंलेंद्र ध्रुव को एक दिन का कलेक्टर बनाने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद शैलेंद्र ध्रुव आज रायपुर पहुंचे, जहां सीएम बघेल ने आईजी-एसपी कान्फ्रेस के दौरान शैलेंद्र से मुलाकात की. सीएम ने शैलेन्द्र और उनके पिता को अपने साथ भोजन पर भी आमंत्रित किया. जबकि एसपी कान्फ्रेंस के बाद पुलिस बल द्वारा मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले ''गार्ड ऑफ ऑनर'' में शैलेन्द्र को भी स्थान दिया गया. बाद में सीएम ने अपने हाथों से शैलेंद्र को मिठाई खिलाई और अपने बगल में बिठाकर फोटो भी खिंचवाई।

 

 

 


इस दौरान सीएम बघेल ने एक दिन के कलेक्टर शैलेंद्र ध्रुव का अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों और प्रदेश के उच्चाधिकारियों से परिचय भी करवाया. सीएम ने गरियाबंद एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि आप शैलेंद्र को अपने दफ्तर भी बुलाए।

 

 

 

 


मुख्यमंत्री बघेल द्वारा पूछे जाने पर शैलेन्द्र ने बताया कि उनकी उम्र 16 वर्ष है और वे हाई स्कूल रसेला में 11वीं के छात्र हैं. भविष्य में कलेक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग के आईजी पी. सुंदरराज का परिचय देते हुए बताया कि ये नक्सलियों से लड़ते हैं और आईजी इंटेलिजेंस आनंद छाबड़ा का परिचय देते हुए बताया कि ये सूचना प्रमुख हैं।

 

 

 

 

 

 मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान शैलेन्द्र से पूछा कि उन्हें ठेठरी, खुरमी पसंद है या चॉकलेट, जहां शैलेंद्र की पसंद पर मुख्यमंत्री ने उसे खूब सारी चॉकलेट दी और अपने हाथों से मिठाई भी खिलायी. सीएम बघेल ने आईजी-एसपी कान्फेंस समाप्त होने के बाद शैलेंद्र को न्यू सर्किट हाउस ऑडिटोरियम में बुलाया और अपने बगल की कुर्सी में बिठाकर शैलेंद्र से बड़ी आत्मीयता के साथ बातचीत की और शैलेंद्र से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।


दरअसल, लाइलाज प्रोजेरिया बीमारी से पीड़ित गरियाबंद के शैलेंद्र ध्रुव ने 1 दिन का कलेक्टर बनने की गुहार लगाई थी।  

 

 

 

16 साल की उम्र में हो चुका है बूढ़ा


प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे का नाम शैलेन्द्र ध्रुव है, जो छुरा विकासखंड के मेढकीढबरी गांव का निवासी है. उसकी हालत हूबहू अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘पा’ के ओरो के जैसी है. शैलेन्द्र 16 साल का है लेकिन बीमारी के कारण उसकी शारीरिक कोशिकाओं का विकास उम्र से कहीं ज्यादा हो चुका है. जिसके चलते उसकी हालत 80 साल के बुजुर्ग जैसी नजर आती हैं. शैलेन्द्र स्कूल जाता है लेकिन वो दूसरे बच्चों की तरह ना तो शरारत कर सकता है और ना ही खेल सकता है।