सिंगरौली: जैन की कृपा से सब काम हो रहा है...कलेक्टर तो बेवजह बदनाम हो रहा है

सिंगरौली: जैन की कृपा से सब काम हो रहा है...कलेक्टर तो बेवजह बदनाम हो रहा है

काली मंदिर रोड में अवैध पैथलॉजियो की भरमार,कुम्भकर्णी नींद में स्वास्थ्य अमला


मरीजो की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालो पर कौन करेगा कार्यवाही...?

मुद्दे की बात
नीरज द्विवेदी के साथ

अनोखी आवाज़। जैन की कृपा से सब काम हो रहा है...कलेक्टर तो बेचारे बेवजह बदनाम हो रहा है। जी हां सही पढ़ रहे है आप ऐसा ही इन दिनों जिले में चल रहा है। जिले में अवैध पैथोलॉजियो की भरमार है और इस बात की बखूबी जानकारी स्वास्थ्य अमले को भी है लेकिन न जाने क्यों अमला कार्यवाही करने की जहमत नहीं उठा रहा है। लिहाजा अंगूठा छाप लोग भी धड़ल्ले से पैथोलॉजी खोलकर मरीजो की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। कलेक्टर ने कई बार टीम गठित कर जाँच और कार्यवाही के आदेश दिए लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है।

 

 

 

 

 

 

जैन को कमान मिलने से पहले से भी बदतर हुए हालात

 

 

सीएमएचओ की कमान जबसे एके जैन को मिली है तब से हालात बद से बदतर हो गए। सूत्र बताते है कि इसके पहले पैथलॉजियो की संख्या कम होती थी लेकिन अब तो हर गली मोहल्ले में आप को पैथालॉजी नजर आ जायेगी। और साहब है एयर कंडीशनर वाला दफ्तर छोड़ने को तैयार नहीं है। ऐसे में सुदूर गांव से आने वाले मरीज इन पैथलॉजी संचालको के झांसे में आ जाते है और मोटी रकम वसूल लेते है।


प्रशासन की आँखों में धूल झोक रहे पैथालॉजी संचालक

जिले में वैध- अवैध पैथोलॉजी संचालको की पूरी सूचि स्वास्थ्य अमले के पास है लेकिन आज तक ऐसे किसी भी संचालक पर कार्यवाही नही हो सकी जिस कारण इनका मनोबल बढ़ा हुआ है। 

 

 

 

 

 

 

 

जिला प्रशासन की नजर में तो केवल कलेक्शन सेंटर है लेकिन अंदर दुनिया की ऐसी कोई जाँच नही है जो न होती है। मरीजो को झांसा देकर उनका ब्लड लेते है जांच की जगह ब्लड भले ही डस्टबिन में जाये लेकिन रिपोर्ट बड़ी फुर्ती से बनाते है।
मुद्दे की बात तो यह है कि ऐसे सभी पैथालॉजी सेंटरों की जाँच जिला कलेक्टर खुद अपनी निगरानी में करें और कार्यवाही करें। अब देखना यह होगा की कब तक स्वास्थ्य अमले की नींद खुलती है...?