सिंगरौली: कलेक्टर साहब यह लूट नहीं तो क्या है? 10 की पर्ची 20 की पार्किंग

सिंगरौली: कलेक्टर साहब यह लूट नहीं तो क्या है? 10 की पर्ची 20 की पार्किंग

 

 मामला जिला चिकित्सालय का मरीज हलाकान, ठेकेदार मालामाल, बेघर जनप्रतिनिधि

 

मुद्दे की बात नीरज द्विवेदी के साथ

 

 

अनोखी आवाज़ सिंगरौली। अपनी बदहाली का रोना रोकर थक हार गया जिला चिकित्सालय सह ट्रामासेंटर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

कभी डॉक्टर नर्सों की लापरवाही से मौत तो कहीं पत्रकारों के साथ बदसलूकी लेकिन अभी तक ऐसा कोई जिम्मेदार सामने नहीं आया जो इन अव्यवस्थाओं पर विराम लगा सके।सस्ते और अच्छे इलाज के लिए दूरदराज से ग्रामीण जिला चिकित्सालय आते हैं लेकिन परिसर का आलम कुछ ऐसा है कि 10 रुपये में इलाज के लिए पर्ची करती है उससे कहीं ज्यादा खर्च गाड़ी पार्किंग का लग जाता है।

 

 

 

 

 

 

 

10 में इलाज 20 की पार्किंग

जिला चिकित्सालय की बदहाली का आलम तो देखिए पर्ची शुल्क 10 रुपये और भर्ती के लिए 50 रुपये की शासकीय शुल्क है। लेकिन यदि आप हॉस्पिटल परिसर में साइकिल से लेकर कोई बड़ी गाड़ी गलती से भी पार्क करते हैं तो आपको देना पड़ेगा चार्ज कुछ यूं है कि चार पहिया वाहन का 20 रुपये, दो पहिया वाहन का 10 रुपये, यहां तक की साइकिल पार्किंग के लिए आप को 5 रुपये भुगतान करना पड़ेगा। यदि आप नहीं देते हैं तो विवाद होना तय है।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

परिजन हलाकान बेखबर जनप्रतिनिधि

जिला चिकित्सालय परिसर में हो रही वसूली से मरीजों के परिजन हलाकान है। लेकिन तमाम जनप्रतिनिधि सब जानते हुए भी बेखबर हैं, लिहाजा यह कहां जाए की  गरीबों का खून चूसा जा रहा है तो शायद कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी इस वसूली से ठेकेदार तो मालामाल हो रहा है। लेकिन आम जनमानस में रोश व्याप्त हो रहा है ऐसे में आम जनमानस की मांग है। कि जिला कलेक्टर हस्तक्षेप कर उक्त वसूली व्यवस्था पर विराम लगाएं।अब देखना यह होगा की अनोखी आवाज़ के द्वारा इस विषय को जनप्रतिनिधि और कलेक्टर के संज्ञान में लाने के बाद क्या कार्यवाही होती है।

 

 

मुद्दे की बात तो यह है कि कायदे से एक गार्ड निर्धारित कर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाना चाहिए। और पार्किंंग वसूली पर नियंत्रण लगाना चाहिए।