सिंगरौली- एक जमीन को दो बार तरमीम करा कर की जा रही धोखाधड़ी

सिंगरौली- एक जमीन को दो बार तरमीम करा कर की जा रही धोखाधड़ी

पटवारी की भूमिका संदिग्ध,मामला रामलीला मैदान के समीप का

 

 

2 दलाल सुर्खियों में,दिन रात पटवारी के कार्यालय में जमाये रहते है डेरा

 


अनोखी आवाज़ सिंगरौली जिले में भूमाफियाओं द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों एवं राजस्व अमले के साथ सांठगांठ कर जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर लंबी रकम कमाई जा रही। ऐसे में पटवारियों की सबसे अहम भूमिका होती है। ऐसा ही एक मामला संज्ञान में आया है जहाँ अपने कार्यप्रणाली के लिए सुर्खियों में बने रहने वाले पटवारी उमेश नामदेव चर्चाओं में है इनके ऊपर फरियादिया ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला जिला मुख्यालय बैढ़न स्थित रामलीला मैदान के सामने का है जहां एक जमीन के दो बार नक्शा तरमीम कर जमीन की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में बैढ़न पटवारी उमेश नामदेव की भी भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है क्योंकि तरमीम का पहला आवेदन 1 साल तक तहसीलदार द्वारा क्यों दबाया गया। वही 1 चौहद्दी की दो तरमीम कैसे की गई अगर यह सब सच है तो दोबारा प्रतिवेदन क्यों मांगा है।
   पीड़ित बिंदा देवी यह आरोप लगाते हुए अपने आवेदन में बताया कि सन 2016 फिरोजा खातून नामक एक महिला को अपने किसी निजी काम के लिए पैसे की जरूरत पड़ी तो उसने अपनी लगभग 10 डिसमिल जमीन जो उसे पुल्ली बंटवारे मिली थी उसको बेचने का प्रस्ताव रुपए 44 लाख में रखा। चूंकि खसरे की नकल पर उसका नाम था और साथ में ऋण पुस्तिका थी तो मैंने उसके साथ सौदा रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करा लगभग 10 लाख रुपये दे दिए।

 

 

कुछ दिनों बाद फिरोजा ने आकर यह बताया कि घर में कुछ विवाद चल रहा है और व्यवहार न्यायालय सिंगरौली से खरीद बिक्री पर रोक लग गई है। इसलिए फैसला आने तक आप को रुकना पड़ेगा। हमें न्यायप्रणाली पर पूरा यकीन था इसलिए हमने इस आश्वासन पर लगभग 5 साल इंतजार किया और इस दौरान फिरोजा अपनी बेटी की शादी के लिए गहने और लगभग 8 लाख 2019 लेती गई। सन 2021 में हमें आश्चर्य उस समय हुआ जब अगस्त में हमारी इकरारशुदा चौहद्दी की जमीन जो कि आज भी फिरोजा के नाम पर खतरे में दर्ज है उसको उसके भाई फिरोज ने अपना बताकर बैढ़न के कुछ व्यापारियों को बेच दिया।

 

 

हमने इस मामले में और जानकारी हासिल की तो पता चला कि सन 2019 में हमारी जिस इकरारशुदा जमीन पर तरमीम का प्रतिवेदन और रिपोर्ट पटवारी ने तहसीलदार को भेजा था उसे 1 साल रोककर नए आवेदन को पूर्व के डेट में लेकर फिरोज के नाम तरमीन कर दिया गया। और उसको बेस बनाकर फिरोज ने उस भूमि का विक्रय कर दिया। यह तरमीम का काम भी न्यायालय से स्टे के दौरान किया गया।

 

 

बिंदा देवी ने इसके लिए एसडीएम न्यायालय में अर्जी दी रखी है चूंकि बैढ़न पटवारी उमेश नामदेव इसमें बहुत अहम भूमिका निभा रहा है और बात-बात पर फीता लेकर काली स्कॉर्पियो में तीन चार गुर्गों के साथ आ जाता है और कुछ दलाल मुझे समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं इसलिए मुझे हमेशा डर रहता है कि वर्तमान हल्का पटवारी अपने रसूख का फायदा उठाते हुए कहीं मुझे मिलने वाले न्याय में देरी ना करें।

 

 

2 दलाल दिन रात पटवारी के पास लगाए रहते है जमावड़ा


अपनी कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सुर्खियों में बने रहने वाले बैढन हल्का पटवारी उमेश नामदेव के स्टेट बैंक के समीप स्थित कार्यालय में दो दलाल हमेशा जमावड़ा लगाए बैठे रहते हैं और ज्यादातर काम इन्ही के इशारे पर होता है। एक मोटा है तो एक लंबा है। और बताया जा रहा है कि उक्त जमीन में भी इन्हीं दो दलालों की भूमिका अहम है। हालांकि यह तो जांच के बाद ही दूध का दूध और पानी का पानी हो पाएगा लेकिन फिलहाल  फिलहाल तो दो दलाल और पटवारी लपेटे में आ रहे है। मामले की जानकारी के लिए फ़ोन पर पटवारी से संपर्क करने पर कहा गया कि मैं आपको बैठकर बताऊंगा तब मामला समझ मे आएगा।