सिंगरौली: अतिक्रमण करने के लिए हनी ने दिया मनी...बोला देखथी घर कईसे न बनी..?

सिंगरौली: अतिक्रमण करने के लिए हनी ने दिया मनी...बोला देखथी घर कईसे न बनी..?

 

 

 

 

तालाब पर कर रहा अतिक्रमण,लाखो का मकान बनकर तैया


गरीबो के आशियानों पर बुलडोजर चलाने वाले नींद में,शिकायत के बाद भी नही हुई कार्यवाही

 

संवाददाता- आशीष पाण्डेय, पंकज तिवारी

अनोखी आवाज़ सिंगरौली,जयंत। हनी ने दिया मनी बोला दिखथी घर कईसे न बनी... ऐसी कुछ चर्चा है वार्ड क्रमांक 20 चर्च बस्ती निवासी हनी सिंह के बारे में। एक तरफ सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने अतिक्रमण के खिलाफ कुछ दिनों पहले मुहिम छेड़ रखी थी इतना ही नही खुलें मंच से अतिक्रमणकरियों को 10 फुट नीचे गाड़ने की खुली चेतवानी दे रहे थे। लेकिन सिंगरौली जिले मे मुख्यमंत्री के निर्देश पहुचते पहुचते लगता काफी देर हो गई। एक दो अतिक्रमणकारियों पर कार्यवाही कर प्रशासन ने इतिश्री कर लिया लिहाजा समय के साथ अतिक्रमणकारियों के हौसले और भी बुलंद होते गए।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ऐसे ही एक अतिक्रमण का मामला संज्ञान में आया है जहाँ सूत्र बताते है कि वार्ड क्रमांक 20 तालाब , चर्च बस्ती के पास हनी सिंह नाम का व्यक्ति खुलेआम दिन के उजाले में अतिक्रमण कर लाखों का मकान निर्माण लिया,जिम्मेदार मूकदर्शक बनकर रह गए। लोग बताते है कि हनी सिंह का कहना है कि " सबको देंगे मनी... देखथी घर कईसे न बनी..लिहाजा ऐसा ही हुआ कुछ। तमाम शिकायतों के बाद न तो एनसीएल न ही नगर निगम के जिम्मेदारों की समय रहते नींद टूटी।

 

 

 

 

 

 

 

 


तालाब पर अवैध निर्माण,जिम्मेदार मूकदर्शक


एनसीएल की जमीन पर अतिक्रमण का खेल जोर पकड़ा हुआ है। हद तक लगाम भी लगाई जाती है लेकिन कुछ परियोजनाओ में तो खुलेआम कब्जा होता है। गौर करने वाली बात तो यह है कि एनसीएल के सुरक्षा कर्मी अतिक्रमण होते  देख अंजान बने रहतें है। सूत्र बताते है की युवक सेटिंग जमा कर तालाब पर अतिक्रमण करने में सफल हो गया है।  हालांकि श्री सिंह की चर्चा समूचे जयंत क्षेत्र में है। तालाब की गहराइयों को मिट्टी से भरने की कला श्री सिंह की चर्चाओं का मुख्य कारण है। वही कही इनके स्थान पर कोई गरीब रहता तो अब तक कबका उसके मकान पर बुल्डोजर चल गया होता लेकिन यहाँ तो हनी की मनी के आगे सब फेल है..?

 

 

 

 

 

 

 


 
आखिर कब चलेगा बुलडोजर...?
 
पर्यावरण के नियमों को देखा जाए तो नदी,नालों पर निर्माण कार्य पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। और जयंत के चर्चा बस्ती में पानी निकासी के लिए बनाएं गए तालाब को मिट्टी से भरकर अतिक्रमण किया जा रहा है। न तो नगर निगम के आला अधिकारी न तो एनसीएल के सुरक्षा कर्मी अतिक्रमण को रोक रहें है। वैसे एक कहावत है पछताने से क्या फायदा जब चिड़िया चुग गई खेत....ठीक उसी प्रकार से एनसीएल सुरक्षा कर्मी भी अब कार्यवाही कैसे करेंगे क्या करेंगे.... कब अतिक्रमण ही पूर्ण होने की कगार पर है। लेकिन अब देखना यह होगा कि खबर के बाद क्या जिम्मेदारों की नींद टूटती अथवा ऐसे ही हनी की मनी के आगे मुक़दसर्शक बने रहेंगे।