सिंगरौली: रेत लदे एक ट्रैक्टर पकड़कर खुद अपनी पीठ थपथपा रही खुटार पुलिस

सिंगरौली: रेत लदे एक ट्रैक्टर पकड़कर खुद अपनी पीठ थपथपा रही खुटार पुलिस

 

 

 

मालिक की जगह डाइवर पर हुई कार्यवाही,एक ट्रैक्टर मौके से फरार

 

 


आईजी के आदेश के बाद भी नही रुक  रहा रेत का अवैध कारोबार,कौन करेगा कार्यवाही..?

 

 

 


अनोखी आवाज़ सिंगरौली। जिले में अवैध रेत कारोबारियों के हौसले बुलन्द है,इनके बुलंद हौसले का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते दिवस सिंगरौली दौरे पर आए आईजी ने एसपी सहित सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देशित किया था कि रेत के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाए और कार्यवाही करें। लेकिन आईजी के निर्देश के बाद भी रेत के अवैध कारोबार में कोई नियंत्रण नही लगाया जा सका। खुटार चौकी अन्तर्गत इन दिनों रेत दर्जनों कारोबारी धड़ल्ले से रेत का कारोबार कर रहे है। शाम के 8 बजे से पूरी रात ट्रैक्टर चलते है। चौकाने वाली बात तो यह है कि कभी गलती से पुलिस ने किसी ट्रैक्टर को पकड़ लिया तो कुछ इस कदर अपनी खुद की पीठ थपथपाएगी की मानो जंग में कोई किला जीत लिया हो।

ऐसा ही एक मामला संज्ञान में आया है जहाँ ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने बीते दिवस 2 ट्रैक्टर पकड़ा हालांकि पुलिस के बताये अनुसार 1 ट्रैक्टर मौके से फरार हो गया वही 1 पकड़ में आया और कार्यवाही ड्राइवर पर हुई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


मामले पर एक नजर

पूरा मामला खुटार चौकी का है जहाँ ग्रामीणों के सूचना पर मौके पर पहुची पुलिस ने पास की ही गांव से दो  ट्रैक्टर को पकड़ा जहाँ 1 मौका देख फरार हो गया वही दूसरा पकड़ में आया। पकडे गए  ट्रैक्टर और चालक के खिलाफ अपराध क्रमांक 0164/21 आईपीसी की धारा 379,414 के तहत निरंजन खैरवार पिता केवल प्रसाद खैरवार निवासी,चितरवाई खिलाफ कार्यवाही की गई। बड़ा सवाल यह है की वाहन स्वामी के विरुद्ध कार्यवाही क्यो नही की गई क्या इस रेत चोरी मामले का पूरा जिम्मेदार गरीब चालक बस है। यदि नही तो फिर मालिक पर कब होगी कार्यवाही..? हालांकि इस विषय पर जब पुलिस के अधिकारियों से बात किया गया तो बताया गया कि विवेचना के दौरान मालिक को भी आरोपी बनाया जा सकता है। अब देखना यह होगा कि विवेचना के दौरान मामला कहा से मोड़ लेता है।

 

 

 

 

 

 

 

 


रेत के अवैध कारोबार पर कब लगेगा अंकुश..?

खुटार चौकी अन्तर्गत लम्बे समय से अवैध रेत कारोबारी फलते फूलते रहे हैं। लेकिन पुलिस एक दो लोगों पर कार्यवाही कर खुद का पीठ थपथपाने का काम करती है। तत्कालीन चौकी प्रभारी बालेन्द्र शेखर मिश्रा को जब चौकी की कमान मिली थी उस समय रेत कारोबारियों में हड़कंप था लेकिन उनके लाइन अटैच होते ही रेत कारोबारी सक्रिय हो गए हैं और बेखौफ होकर सुबह से शाम तक रेत का अवैध कारोबार कर रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि पुलिस के अधिकारियों को जब आईजी ने सख्त निर्देश दिया था कि रेत के अवैध कारोबार और कारोबारियों पर अंकुश लगाया जाए बावजूद फिर कैसे और किस के संरक्षण में रेत का यह कारोबार बड़े ही तेजी से फल-फूल रहा है। अब देखना यह होगा कि ऐसे कारोबारियों पर खबर के बाद पुलिस क्या एक्शन लेती है..?