सिंगरौली; केटीएल के कर्मी कमरे में देर रात कर रहे थे वायलेंस,कॉलोनी वासियों ने सिखाया सबक

सिंगरौली; केटीएल के कर्मी कमरे में देर रात कर रहे थे वायलेंस,कॉलोनी वासियों ने सिखाया सबक

 

पुलिस ने पहुंचकर मामले को कराया शांत,मामला जयंत परियोजना के आवास क्रमांक बी-293 का

 

 

आशीष पाण्डेय-पंकज तिवारी
 
अनोखी आवाज़ सिंगरौली।
कॉलोनी परिसर में रह रहे सभी जनों का फर्ज होता है कि उन्हें कॉलोनी परिसर में शांति का संदेश दें। ऐसा कार्य बिल्कुल न करें की एक के कारण अन्य को परेशानी हो। आपस में परस्पर सहयोग मेल-जोल के साथ रहना चाहिए। लेकिन जब वही रहवासी शांति की जगह उद्दंडता का परिचय देने पर उतारू हो जाते हैं। तो ऐसे लोगों को कॉलोनी से बाहर कर देना चाहिए। लेकिन ये सब बातों को आज के परिवेश में कौन ध्यान रखता है। मामला जयंत परियोजना आवासीय परिसर सेक्टर 3 बी-293 का है। जो केटीएल के कर्मचारी के नाम से आवंटित है। जिसके द्वारा पिछले रविवार के दिन देर रात तक तेज आवाज में साउंड बजाकर पार्टी कर वायलेंस कर रहें थें। कॉलोनी के रहवासियों ने मना किया। परंतु कहतें है ना शराब का नशा सर चढ़ कर बोलता है। बात सुनने को तैयार ही न थें। अंत में कॉलोनीवासी एकजुट होकर केटीएल के कर्मचारी को सबक सिखाया और पुलिस को बुलाकर लिखित शिकायत कर उचित कार्यवाही की मांग की है।
 
कौन-कौन था रात की पार्टी में शामिल..?
 
जयंत परियोजना का आवास जयंत प्रबंधन द्वारा केटीएल के कर्मचारी के नाम से आवंटित किया गया है। उस रात हुएं हंगामे की सूचना जयंत सुरक्षा प्रभारी गणेश प्रसाद को भी शिकायत की गई थी। वही देर रात तक हो रही पार्टी में कौन-कौन शामिल था। यह तो पुलिस की जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन चर्चा है कि कंपनी के तेज -तर्राट तेज चमक वाले एचआर भी शामिल थें। सूत्र बताते है। की उनके साथ बुरा बर्ताव भी हुआ था। हालांकि सत्यता पुलिस ने जांच के बाद ही सबके समक्ष आएगा।  आवासीय परिसर में ध्वनि के कुछ नियम कानून होते है। उनके दायरें में साउंड बजाएं।

 पूर्व में भी हुई थी घटना
 
अपने कर्मचारी के आदतों के कारण केटीएल कंपनी  शहर में सुर्खियां बटोर रही है। जानकारी के अनुसार कुछ महीनों पूर्व लॉकडाउन के दरमियान केटीएल कर्मचारी द्वारा जयंत परियोजना के आवास में इसी प्रकार की घटना को अंजाम दिया था। काली स्कार्पियो में सवार होकर केटीएल के कर्मी चौकी आएं थे। उस समय तात्कालीन चौकी प्रभारी अभिमन्यु द्विवेदी थें। लेकिन एक बार पुन: घटना की पुनरावृति होने से  चर्चा जोरो से है। कंपनी के एचआर की जिम्मेदारी होती है कंपनी का नाम अच्छे कार्यों में अब्बल लाना चाहिए। न की आरोप में...? अगर ऐसा ही रहा तो बनी नौकरी से भी हांथ धोना पढ़ जाएं, साथ ही बनी -बनाई इज्जत पुलिस के लॉकअप के अंदर उतरती दिखेगी।

इनका कहना है।

अभी नेहरू अस्पताल में हूं।

रामायण मिश्रा 
चौकी प्रभारी जयंत