सिंगरौली: बरगवां थाने से रामसुख का नहीं हो रहा मोहभंग

सिंगरौली: बरगवां थाने से रामसुख का नहीं हो रहा मोहभंग

साइबर सेल में हुआ था स्थानांतरण, राजनीतिक संरक्षण की हो रही चर्चा

 

 

 

 

 

 

अनोखी आवाज़। पुलिस अधीक्षक ने बीते 23 जनवरी 2021 को इस आशय का आदेश जारी किया था कि विभिन्न थानों चौकियों के लिए स्थानांतरित पुलिसकर्मी दो दिवस के अंदर अनिवार्य रूप से नवीन तैनाती स्थान पर रवाना कर रवानगी सान्हा रिपोर्ट अवलोकनार्थ हेतु भिजवाए।
साथ ही कहा था कि यदि जो थाना प्रभारी उक्त निर्देशों का पालन नहीं करता उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

 

 

 

 

 

लेकिन जैसे जैसे समय बीता एसपी साहब का आदेश भी बेअसर होता गया। यदि आदेश बेअसर नहीं होता तो शायद अब तक आरक्षक 228 रामसुख यादव बरगवां थाने के जगह साइबर सेल में नजर आते।

 

 

 

 

 

 

बरगवां थाने से नहीं हो रहा मोहभंग

 

 

 

लंबे समय से बरगवां थाने में जमे श्री यादव का न जाने क्यों मोहभंग होने का नाम नही ले रहा है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से पुलिस अधीक्षक ने करीब 35 लोगों का एक साथ स्थानांतरण एक स्थान से दूसरे स्थान पर किया था जहां 23 जनवरी 2021 को एक आदेश जारी किया और साफ शब्दों में चेताया कि दो दिवस के अंदर स्थानांतरित स्थान पर तैनाती दें नहीं तो कार्यवाही होगी।  लेकिन सूत्रों की मानें तो 8 माह बीत जाने के बाद भी बरगवां थाने पदस्थ पुलिसकर्मी रामसुख यादव ने थाना नहीं छोड़ा जबकि उनका स्थानांतरण साइबर सेल के लिए हुआ था बरगवां थाने से मोहभंग ना होने के पीछे लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अब देखना यह होगा कि एसपी क्या एक्शन लेते हैं। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि रामसुख यादव ने राजनीतिक राह पकड़ ली है जिससे उनके लिए यह आदेश बेअसर है।