अंधविश्वासी दादी ने पोते को फ्रैक्चर होने पर सरिए से दागा, बच्चे को हुआ इंफेक्शन

अंधविश्वासी दादी ने पोते को  फ्रैक्चर होने पर सरिए से दागा, बच्चे को हुआ इंफेक्शन

 

 

 

 

 

बैतूल. यहां पर 9 साल का बच्चा गिर गया था, जिसकी वजह से उसे फ्रैक्चर  हो गया। बच्चे को अस्पताल लेने जाने की जगह घर के बुजुर्गों ने उसे सरिए से दागा। इसके बाद बच्चे की हालत  ज्यादा गंभीर हो गई। आनन- फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी बॉडी (body) में इंफेक्शन फैल चुका है।

 

 

 

 

 

चोट लगने पर सरिए से दागा

किराना दुकान से सामान लाते समय 9 साल का बेटा आयुष गिर  गया था। इससे उसके कंधे और पसलियों में चोट लग गई थी। इसके बाद उसे अस्पताल  में भर्ती कराने की जगह बुजुर्ग ने उसे सरिए से दागा गया। तबीयत में सुधार ने आने की वजह से मां बच्चे को लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

 

 

 

 

 

 

डॉक्टर ने प्राथमिक जांच में पाया कि सरिए से जलने की वजह से बॉडी में इंफेक्शन  हो गया। बैतूल के आदिवासी इलाको में पेट दर्द, बुखार और अन्य बीमारियों पर दागने की प्रथा है। दागने के लिए हसिए का इस्तेमाल किया जाता है या फिर कांच की चूड़ियों को गर्म करके दागा जाता है।