MP के इस शख्स ने पत्नी को गिफ्ट में दिया ताजमहल जैसा घर

MP के इस शख्स ने पत्नी को गिफ्ट में दिया ताजमहल जैसा घर

 

भोपाल: दुनिया का सातवां अजूबा ताजमहल को प्यार का प्रतीक माना जाता है। इसिहास के मुताबिक मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज के लिए ताजमहल बनवाया था। ठीक वैसे ही एक मध्य प्रदेश के शख्स ने अपनी पत्नी के लिए ताजमहल जैसा घर बनवाकर गिफ्ट किया है। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के रहने वाले एक बिजनेसमैन ने ताजमहल की प्रतिकृति को आलीशान घर के रूप में बनवाया है। जैसे शाहजहां ने अपनी पत्नी के लिए प्यार के प्रतीक के रूप में ताजमहल बनाया था, उसी तरह यह इमारत भी शख्स ने अपनी पत्नी को उपहार में दिया है। हर कोई इस घर को देखकर चौंक जाता है। घर में ऐसी लाइटिंग की गई है कि अंधेरे में ये ताजमहल की तरह चमके।

 

'बुरहानपुर में ताजमहल नहीं था इसलिए बनवा दिया...'

बुरहानपुर के रहने वाले आनंद चोकसे व्यापारी हैं, जिन्होंने अपनी पत्नी को हाल ही में ताजमहल जैसा घर बनाकर गिफ्ट किया है। आनंद चोकसे का कहना है, मैं हमेशा ये सोचते रहता था कि मेरे शहर बुरहानपुर में ताजमहल क्यों नहीं बनाया गया, क्योंकि शाहजहां की पत्नी मुमताज की मौत तो इसी शहर में हुई थी।'' इतिहास के मुताबिक कहा जाता है कि ताजमहल का निर्माण ताप्ती नदी के किनारे होना था लेकिन बाद में आगरा में बनाया गया।

 

ताजमहल जैसे घर को बनाने में लगा 3 साल

ताजमहल की हूबहू नकल कर इस घर को बनवाने में तीन साल का वक्त लगा है। मकान बनाने वाले इंजीनियर ने कहा कि मकान बनाने में कई चुनौतियां आई थीं। उन्होंने असली ताजमहल का बारीकी से अध्ययन किया, उसके बाद ही ये सब हो पाया है। उन्होंने घर के अंदर नक्काशी के लिए बंगाल और इंदौर के कलाकारों से की मदद ली है।

 

ताजमहल जैसा टावर, 4 बेडरूम, 29 फीट की गुंबद, जानें घर की खास बातें

ताजमहल की हूबहू नकल वाले इस घर में 4 बेडरूम है। नीचे 2 बेडरूम और ऊपर 2 बेडरूम है। घर का गुंबद 29 फीट की ऊंचाई पर है। इसमें ताजमहल जैसे टावर हैं और घर का फर्श राजस्थान के 'मकराना' से बनाया गया है और फर्नीचर मुंबई के कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है। इसके अलावा इसमें एक बड़ा हॉल है। एक लाइब्रेरी और एक ध्यान कक्ष भी है।

 

लाइटिंग ऐसी है मानो अंधेरी रात में सच का ताजमहल हो

इतना ही नहीं घर के अंदर और बाहर दोनों जगह लाइटिंग इस तरह से की जाती है कि जैसे मानों यह घर असली ताजमहल की तरह ही अंधेरे में चमकता रहे। बुरहानपुर में इस घर को देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। कहा जाता है कि बुरहानपुर वही जगह है जहां शाहजहां और मुमताज की मोहब्बत परवान चढ़ी थी और पहले ताजमहल वही बनने वाला था। कहा जाता है कि मुमताज की बॉडी 6 महीने बुरहानपुर में ही रखा गया था।