सरकारी जमीन पर गिद्ध नजर लगाए बैठा भूमाफिया,कब्जा करने की फिराक में

सरकारी जमीन पर गिद्ध नजर लगाए बैठा भूमाफिया,कब्जा करने की फिराक में

 

हल्का पटवारी बैढन के सह पर उनके ही दलाल है सक्रिय

 

 मामला राजस्व हल्का बैढन के गनियारी के शातिं मोहल्ले का

 

 अनोखी आवाज़ सिंगरौली। जिला मुख्यालय बैढन के गनियारी स्थित शातिं मोहल्ले में इन दिनो भू-माफियाओ के द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा का सिलसिला बदस्तुर जारी है। सूत्रो की माने तो हल्का पटवारही बैढन के सह पर उनके ही दलाल इस कारोबार में सक्रिय दिखाई दे रहे है। इसके बावजुद राजस्व के अधिकारी के साथ-साथ नगर निगम के अधिकारी  भी वेपरवाह बने हुये है।

 

सूत्रो की बात पर गौर करें तो राजस्व हल्का बैढन में जमकर अंधेरगर्दी का आलम व्याप्त है। जबसे पटवारी उमेश नामदेव के हाथो प्रभार मिला है तबसे दलाली प्रथा चरम सीमा पर है। सूत्र तों यह भी बताते है की अगर कोई काश्तकार पटवारी से इनके दफ्तर में मिलना चाहे तो मिलना मुश्किल हों जाता है। उसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है की पटवारी से पहले दलालो से मिलना पड़ता है। काश्तकारो का क्या काम है यह सब जानकारी दलालो बतानी पड़ती है तब कही जाकर काश्तकारो का काम होता है। मजे की बात तो यह है की हल्का  बैढन में नगर निगम की जमीन पर भू-माफिया गिद्ध नजर बैठाये हुये है यहा अब नजर ही नही बल्कि सरकारी जमीन को राजस्व अमला भू-माफियाओं को नोटो के चमक के आगे सौप रहा है। हल्का पटवारी के इशारे पर जमीन के दलाल औने पौने दाम पर सरकारी जमीन पर बेजा कब्जा कर रहे है। स्थानीय बैढन के निवासी बताते है की गनियारी स्थित शातिं मोहल्ले में शासन की तकरीबन 5 एकड़ जमीन पर भू-माफियां कब्जा जमा रहे है। जिसकी जानकारी हल्का पटवारी बैढन को विधिवत है।

 

सूत्र तो यह भी बताते है की शातिं मोहल्ले में जो सरकारी जमीन है वह हल्का पटवारी बैढन के संरक्षण में उनके ही दलाल बेजा  कब्जा कर रहें है। जबसे हल्का बैढन की जिम्मेदारी उमेश नामदेव को मिली है तब से भू-माफिया ज्यादा सक्रिय हो गये है।  अब तो स्थिति और भी विपरित होती दिखाई दे रही है उसकी सबसे बड़ी वजह यह मानी जा रही है की जो कुछ भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हों रहा है वही पूरी तरीके से राजस्व के इशारे पर किया जा रहा है। फिर भी राजस्व के वरिष्ठ अधिकारी व नपानि के आलाअफसर कुभकर्णी निद्रा में सो रहें है।

 

 पटवारी के कारखास है संलिप्त

सूत्रो की बात माने तो गनियारी स्थित शातिं मोहल्ले में जो 5 एकड़ जमीन
का मामला सुर्खियों में आया है उसमेंं बताया जाता है की वेश कीमती सरकारी जमीन पर दो दर्जन से अधिक कच्चे और पक्के मकान बनाये जा रहे है जिसमें राजस्व विभाग अमला पूरा सहयोग करी रहा है। इस जमीन पर अवैध कब्जा पर घर बनाया जा रहा है,इस जमीन की बंदरबाट में भू-माफिया के अलावा हल्का पटवारी के कारखास शामिल है। अब तो बैढन के लोग कहने लगे है की पटवारी के कहने पर ही सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है जिसके बदले में भारी भरकम राशि की अदायगी की जा रही है।

 

 

 

भू-माफिया व पटवारी की मिलीभगत


सूत्र बताते है कि शातिं मोहल्ले में जो बेसकीमती जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है इसमें भू-माफिया और पटवारी की मिली भगत के चलते किया जा रहा है। बताया जाता है कि भू-माफिया पैसे के बल पर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करा रहा है। स्थानीय लोग यह भी बता रहे है की 5 एकड़ सरकारी जमीन है उसके बगल में लोगो की निजी भूमि है जहां भू- माफिया इसी का फायदा उठाकर सरकारी जमीन हथियाने में लगे हुये है अगर इसी तरह सरकारी जमीन पर अतिक्रमण होता रहा तो आने वाले वक्त में शहर में एक भी जमीन नही बचेगी।