अनोखी आवाज़ सिंगरौली– भारतीय जनता युवा मोर्चा के वर्तमान अध्यक्ष राजेंद्र सिंह परमार का कार्यकाल खत्म हो चुका है। ऐसे में नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सुगबुगाहट तेज होने लगी हैं । लेकिन संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बात की हैं कि किस युवा को अध्यक्षी की जिम्मेदारी दी जाए। क्योंकि इस कुर्सी के दावेदारों की संख्या दर्जनों में हैं। और घोषणा में हो रही देरी के पीछे की वजह भी यही बताई जा रही है।
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दर्जभर दावेदार, किसके सिर पर होगा ताज?
भाजयुमों की कुर्सी के लिए किसी व्यक्ति का चयन करना इतना आसान नहीं होगा। क्योंकि इस पद के लिए एक दो नहीं,बल्कि दर्जन भर से ज्यादा दावेदार मैदान में हैं । इन प्रमुख दावेदारों में समित चतुर्वेदी,विनीत द्विवेदी,अम्बेश द्विवेदी ,सौरव देव पांडेय, लालबाबू वैश्य, प्रभांशु सर्राफ, मृत्युंजय सिंह,संदीप चौबे,संजय दुबे ,प्रिंस गुप्ता, उज्ज्वल तिवारी,सिंटू पांडेय,हेमन्त पांडेय सहित अन्य दावेदार अपनी प्रबल दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन शीर्ष नेतृत्व किस नाम पर सहमति जताता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा। दूसरी सबसे प्रमुख बात यह भी है कि जातीय समीकरण भी तय करेगा कि अध्यक्षी का सेहरा किसे सिर पर होगा।
महीने के अंतिम तक मिल जाएगा अध्यक्ष
भाजयुमो की नियुक्ति में हो रही देरी के पीछे राजनीतिक पंडित बताते हैं कि संगठनात्मक कार्यक्रम और जातीय वर्ग का सही समीकरण बैठने के चलते देर हो रही हैं। हालांकि सूत्रों से जानकारी मिल रही हैं उसके अनुसार इस माह की अंतिम तक सिंगरौली भाजयुमों को अध्यक्ष मिल जाएगा।
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