Advertisement

Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्री पर कैसे करे माँ दुर्गा की पूजा,ये है शुभ मुहूर्त

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Shardiya Navratri 2026: हिन्दू धर्म में नवरात्री का यह पर्व बेहद खास माना गया है। इस त्यौहार में माता के नौ अलग अलग रूपों की पूजा होती है। ब्राह्मणों को भोजन कराया जाता है,कन्या भोज कराया जाता है. हर गली मोहल्ले में माता की प्रतिमा विराजमान होती है और नौ दिन धूम धाम से माता की पूजा अर्चना की जाती है। शारदीय नवरात्रि का इंतजार कर रहे भक्तों के लिए इस बार का पर्व धार्मिक आस्था के साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। पंचांग गणना के अनुसार, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026, रविवार को कलश स्थापना के साथ होगी। नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का समापन 19 अक्टूबर को महानवमी के साथ होगा, जबकि 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा। इसी दौरान गुरु और चंद्रमा की विशेष स्थिति को ज्योतिष में गजकेसरी योग से जोड़ा जा रहा है।

शारदीय नवरात्रि 2026 कब से आरंभ हो रहे हैं?

आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि का आरंभ 10 अक्तूबर को रात 9 बजकर 19 मिनट से होगा।
प्रतिपदा तिथि का समापन 11 अक्तूबर को रात 9 बजकर 30 मिनट पर होगा।
उदयातिथि के अनुसार, शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्तूबर 2026 से होगा।

क्या है गजकेसरी योग?

ज्योतिष शास्त्र में गुरु और चंद्रमा की विशेष स्थिति से बनने वाले गजकेसरी योग को शुभ योगों में गिना जाता है। मान्यता के अनुसार, जब गुरु और चंद्रमा एक-दूसरे से केंद्र भाव में स्थित हों या विशेष परिस्थितियों में उनकी युति बने, तब गजकेसरी योग का निर्माण माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में इस योग को बुद्धि, ज्ञान, प्रतिष्ठा, आर्थिक उन्नति और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। इस वजह से नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व के दौरान बनने वाली इस ग्रह स्थिति को कई राशियों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है।

गजकेसरी योग के दौरान कौन से उपाय किए जा सकते हैं?

नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ कुछ पारंपरिक उपाय करने की भी मान्यता है। इनमें पीले रंग की वस्तुओं का इस्तेमाल और गुरु से संबंधित दान को शुभ माना जाता है।

पीला नैवेद्य: मां दुर्गा को बेसन के लड्डू या केसर वाली खीर का भोग लगाया जा सकता है।
मंत्र जाप: प्रतिदिन ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप या दुर्गा सप्तशती का पाठ करने की मान्यता है।
पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार या अष्टमी-नवमी के अवसर पर चने की दाल, हल्दी या पीले वस्त्र दान किए जा सकते हैं।

क्या है इस साल माता का वाहन?

इस साल शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ रविवार के दिन हो रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब नवरात्रि की शुरुआत रविवार से होती है तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। इसलिए इस बार माता का वाहन हाथी माना जा रहा है। यह बेहद शुभ होता है, जो सुख-समृद्धि लेकर आता है।

 ट्रेन में चैन खींचने पर नहीं देना पड़ेगा जुर्माना ! जान लीजिये क्या कहता है नियम

 

इस साल शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ रविवार के दिन हो रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब नवरात्रि की शुरुआत रविवार से होती है तो मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आती हैं। इसलिए इस बार माता का वाहन हाथी माना जा रहा है। यह बेहद शुभ होता है, जो सुख-समृद्धि लेकर आता है।

नौ रात्रि का हर दिन है बेहद खास

11 अक्तूबर 2026-नवरात्रि का पहला दिन – मां शैलपुत्री पूजा, घटस्थापना

12 अक्तूबर 2026 -नवरात्रि का दूसरा दिन – मां ब्रह्मचारिणी पूजा

13 अक्तूबर 2026 – नवरात्रि का तीसरा दिन – मां चंद्रघंटा पूजा

14 अक्तूबर 2026- नवरात्रि का चौथा दिन – मां कूष्मांडा पूजा

15 अक्तूबर 2026 – नवरात्रि का पांचवां दिन – मां स्कंदमाता पूजा

16 अक्तूबर 2026 – नवरात्रि का छठा दिन – षष्ठी पूजा, मां कात्यायनी पूजा

17 अक्तूबर 2026- नवरात्रि का सातवां दिन – सप्तमी पूजा, मां कालरात्रि पूजा

18 अक्तूबर 2026 – नवरात्रि का आठवां दिन – अष्टमी पूजा

19 अक्तूबर 2026 – नवरात्रि का नौवां दिन – नवमी पूजा

20 अक्तूबर 2026- दुर्गा विसर्जन, विजयादशमी

 

1 अक्टूबर से बदल जायेगा SBI ATM से पैसे निकालने का नियम

क्या मध्यप्रदेश में बंद हो जाएगी Ladli Behna Yojana ?

uttam Dubey
Author: uttam Dubey

पत्रकारिता में 3 वर्ष से ज्यादा का अनुभव। खोजी खबरों में विशेष रूचि। सिखने का जूनून रखते हैं।