कारखास की ख्वाहिशों का नहीं हो रहा अंत,साहब की विदाई से पहले स्कॉर्पियो बनी लक्ष्य?
Singrauli News Today यदि आप शराब के लिए हैं परेशान और नहीं मिल रहा कोई समाधान, तो बिल्कुल न हो हैरान,सीधे चले आइये रजमिलान! क्योंकि माडा पुलिस हैं मेहरबान! देर रात हो या भोर हर समय ग्राहक का रखा जाता हैं विशेष ध्यान। नाम याद रखे माँ अष्ठभुजा शराब दुकान मेन रोड रजमिलान….
जानकारी के अनुसार करोड़ो का ठेका लेने के बाद मां अष्ठभुजा शराब ठेकेदार के हाथ पांव फूल रहे हैं और चर्चा हैं कि शराब दुकान से वर्तमान में उतनी बिक्री नहीं हो रही और भविष्य में भी कुछ खास होती नहीं दिख रही हैं,लिहाजा करोड़ो रुपये के इन्वेस्टमेंट की भरपाई के लिए ठेकेदार अब नई हथकंडे अपना रहा हैं। जिसका। परिणाम यह है कि अब हर गली मोहल्ले में मनचाहा ब्रांड सहजता से उपलब्ध हैं।
साहब की विदाई….कारखास की स्कॉर्पियो ?
माडा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा स्वभाव के बेहद सरल बताये जाते हैं ,परंतु कारखास को दी खुली छूट उनको भारी पड़ती दिख रही है..लिहाजा टीआई साहब की विदाई की चर्चा जोर पकड़ रही हैं। ऐसे में कारखास की ख्वाहिशें और बढ़ने लगी है,धूप,धूल,धुंआ से बचने के लिए अपने एक साथी के देखा देखी काले रंग की स्कॉर्पियो लेने की मन में ठान ली है। जिस कारण क्षेत्र में क्या हो रहा हैं इससे कोई मतलब नहीं। ऐसे में समय रहते टीआई साहब को सक्रिय होना पड़ेगा और वातानुकूलित कमरें से बाहर आकर क्षेत्र के हालात खुद के चश्मे से देखना होगा।
शराब शौकीनों की पहली पसंद रजमिलान,जनता में भारी आक्रोश
शराब शौकीनों की पहली पसंद इन दिनों रजमिलान बना हुआ है। यह कोई अतिश्योक्ति नहीं बल्कि जमीनी हकीकत हैं। क्षेत्र में बढ़ते अवैध नशे के अवैध कारोबार के कारण युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। घरेलू हिंसा और आपसी विवाद के मामलो कि शिकायत हर दिन बढ़ती जा रही हैं। लेकिन माडा पुलिस न जाने क्यों गंभीर नजर नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हम लोंगो ने कई बार मौखिक और लिखित में टीआई को शिकायत की लेकिन समाधान के नाम पर हर बार पुलिस से आश्वासन मिलता रहा है, और ठेकेदार द्वारा धमकी। जिस कारण अब शिकायत करना बंद कर दिए हैं। लिहाजा अब क्षेत्र में आलम कुछ यूं है कि शाम ढलते ही शराब प्रेमी जाम छलकाने लगते हैं और महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग उस रास्ते से चलने में असहज महसूस करते हैं। अब देखना यह होगा कि साहब विदाई से पहले व्यवस्थाओं को दुरुस्त करते हैं या फिर जैसे चल रहा हैं वैसे ही अंधेरगर्दी चलती रहेगी।


