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मार्केट में आ रहा नकली पनीर ऐसे में असली या नकली कैसे पहचाने?

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अगस्त माह से हिन्दुओ के त्यौहार की शुरुआत हो चुकी है। रक्षाबंधन,तीज फिर श्री कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चुतर्थी सहित पूरी नवम्बर तक कोई न कोई त्यौहार है ’ ऐसे में मुनाफाखोर मिलावट कर ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते है ऐसे में हमे खानपान पर विशेष ध्यान रखना चाहियें । घर में मटर पनीर, शाही पनीर या फिर पनीर की दूसरी डिश बनानी हो या किसी रेस्टोरेंट में खाना हो, पनीर आसानी से हर जगह मिल जाता है। लेकिन इन दिनों एनालॉग पनीर को लेकर चर्चा बढ़ गई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर एनालॉग पनीर क्या होता है और इसे असली पनीर से कैसे अलग पहचाना जाए?

क्या है एनालॉग पनीर

आप सभी जानते है की पारंपरिक पनीर मुख्य रूप से दूध को फाड़कर तैयार किया जाता है। इसके लिए दूध में नींबू का रस, सिरका या फिर किसी अन्य खाद्य अम्ल का इस्तेमाल किया जाता है। दूध से निकले ठोस हिस्से को दबाकर पनीर का आकार दिया जाता है। वहीं एनालॉग पनीर पारंपरिक पनीर से अलग तरीके से तैयार किया जाता है। इसमें दूध के कुछ घटकों के साथ वेजिटेबल फैट, स्टार्च, मिल्क पाउडर और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद इसे पनीर जैसी शक्ल और बनावट दी जाती है।

असली और एनालॉग पनीर में मुख्य अंतर है

जानकारी के अनुसार असली पनीर मुख्य रूप से दूध से तैयार होता है। इसमें दूध से मिलने वाला प्रोटीन और कैल्शियम होता है और इसकी बनावट आमतौर पर मुलायम और हल्की दानेदार होती है। एनालॉग पनीर में दूध के अलावा वेजिटेबल फैट, स्टार्च, मिल्क पाउडर या अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी लागत कम रखने के लिए कई बार इसमें दूध के फैट की जगह वनस्पति फैट का इस्तेमाल किया जाता है। यानी दोनों दिखने में एक जैसे हो सकते हैं, लेकिन उनकी सामग्री और पोषण संरचना अलग हो सकती है।

पनीर खरीदते समय रखे ये ध्यान

पैकेट वाला पनीर खरीदते समय सबसे भरोसेमंद तरीका है कि आप पैकेट के पीछे दी गई Ingredients List यानी सामग्री सूची पढ़ें। अगर उत्पाद में मुख्य रूप से दूध या मिल्क सॉलिड्स का उल्लेख है, तो यह पारंपरिक डेयरी उत्पाद की ओर संकेत करता है। वहीं अगर पैकेट पर Vegetable Fat, Palm Oil, Vegetable Oil, Starch, Emulsifier जैसी सामग्री दी गई है, तो यह जरूरी नहीं कि वह पारंपरिक दूध से बना पनीर हो।

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रंग से न करें पहचान

कई लोगो का मानना हैं कि बिल्कुल सफेद पनीर ही असली होता है, जबकि थोड़ा पीला पनीर नकली हो सकता है। ऐसा जरूरी नहीं है। पनीर का रंग दूध की गुणवत्ता, फैट की मात्रा, बनाने की प्रक्रिया और स्टोरेज जैसी कई चीजों से प्रभावित हो सकता है। इसलिए सिर्फ सफेद रंग देखकर पनीर को असली मान लेना या रंग के आधार पर उसे नकली बताना सही तरीका नहीं है। इसी तरह सिर्फ पनीर के आकार से भी इसकी पहचान नहीं की जा सकती।

क्या एनालॉग पनीर खाना सुरक्षित है?

एनालॉग पनीर को देश की सरकार सख्त है कई राज्यों में सरकार ने बैन कर दिया है. ऐसे में यह पनीर कही आपके नजर आये तो शिकायत कर सकते है हलांकि पनीर सिर्फ इसलिए जहरीला नहीं कहा जा सकता क्योंकि उसमें वेजिटेबल फैट या दूसरी सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। किसी उत्पाद की सुरक्षा उसकी सामग्री, निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता और लागू खाद्य मानकों के पालन पर निर्भर करती है। हालांकि एनालॉग पनीर और पारंपरिक दूध से बने पनीर का पोषण प्रोफाइल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। अगर किसी व्यक्ति का उद्देश्य दूध से मिलने वाला प्रोटीन और कैल्शियम लेना है, तो पारंपरिक दूध से बना पनीर बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही, रोजाना पनीर खाने वाले लोगों को उत्पाद का लेबल, सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी देखकर ही चुनाव करना चाहिए।

 

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Anokhi Aawaj
Author: Anokhi Aawaj